Thursday , October 28 2021

नये शोध के अनुसार साइकिल चलाइये, भूलने वाली बीमारी अल्‍जाईमर्स से छुटकारा पाइये

नेशनल मेडीकोज ऑर्गेनाईजेशन के 40वें वार्षिक अधिवेशन NMOCON 2018-19 के दो दिन पूर्व अयोध्‍या से लखनऊ के साइकिल यात्रा करेंगे वर्तमान व भावी चिकित्‍सक

 

लखनऊ। अमेरिका में हुई नयी शोध में पता चला है कि बुजुर्गों को भूलने वाली बीमारी ‘अल्‍जाइमर्स’ में साइकिल चलाने से आश्‍चर्यजनक लाभ होता है। उन्‍होंने कहा कि साइकिल चलाने में जिस तरह से बैलेंस करना पड़ता है उसी तरह जीवन में भी बैलेंस की जरूरत होती है, इस तरह देखा जाये तो दो पहियों वाली साइकिल दो पैरों वाले मनुष्‍य को स्‍वस्‍थ बनाये रखने के लिए बेहतर जीवन शैली अपनाने की प्रेरणा देती है। यह बात किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय (केजीएमयू) के कुलपति प्रो एमएलबी भट्ट ने आज एक पत्रकार वार्ता में कही। यह पत्रकार वार्ता नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (एनएमओ), अवध प्रान्त के द्वारा, नेशनल मेडीकोज ऑर्गेनाईजेशन के 40वें वार्षिक अधिवेशन NMOCON 2018-19 के आयोजन के बारे में जानकारी देने के लिए बुलायी गयी थी। कुलपति, जो कि एनएमओ के राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष भी हैं, ने कलाम सेंटर में आयोजित पत्रकार वार्ता में कॉन्‍फ्रेंस के बारे में जानकारी दी। यह कॉन्‍फ्रेंस अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफि‍क सेंटर में आगामी 8-9 दिसम्‍बर को आयोजित की जा रही है।

 

कुलपति ने कहा कि हम सब जानते हैं कि 40 से 45 प्रतिशत बीमारियां हमारी आलस भरी जीवन शैली के चलते होती हैं। ऐसे में साइकिल चलाना एक अच्‍छा व्‍यायाम है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण अंग, अधिवेशन से 2 दिन पूर्व 6 वर्षों से चली आ रही प्रथा ‘स्‍वस्थ जीवन शैली यात्रा’ है। उन्‍होंने बताया कि कल 6 दिसम्‍बर को यात्रा शुरू होगी, जिसमें इस वर्ष पूरे भारत वर्ष से 300 वरिष्ठ चिकित्सक, छात्र एवं चिकित्सक शिक्षक इसका अंग बनने हेतु आ रहे है। यात्रा का आरम्भ अयोध्या धाम से मंत्री रमापति शास्त्री, हनुमानगढ़ी महंत बलराम, नगर महापौर ऋषिकेश उपाध्याय के द्वारा झंडी दिखा कर होगा। उन्‍होंने बताया कि इस यात्रा में भाग लेने वाले लोगों में सबसे बुजुर्ग भावनगर मेडिकल कॉलेज गुजरात के पूर्व डीन 64 वर्षीय डॉ सीबी त्रिपाठी हैं जो कि अयोध्‍या से लखनऊ करीब 140 किलोमीटर की यात्रा साइकिल से तय करेंगे।

 

प्रो भट्ट ने कहा कि छात्र-छात्राओं के अंदर संस्कार, नैतिकता एवं समाज सेवा की भावना आए इसके लिए एमसीआई के कुछ नए नियम भी बनाए है, जिसके तहत प्रत्येक छात्र-छात्रा को सोशल आउट रीच सेल के माध्यम से यह सर्विस करनी अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि यही काम एनएमओ यह काम विगत 40 वर्षों से कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस दौरान अन्य प्रदेशों में जाने से राष्ट्रीय एकीकरण का विकास होता है, बच्चे दूसरे प्रदेशों की संस्कृति से परिचित होते हैं, जिस वजह से आपसी मतभेद की भावना दूर होती है और वहां का रहन-सहन और संस्कृति जानने की वजह से आपस में प्रेम एवं सम्मान का भाव जागृत होता है। इस अवसर पर एनएमओ के प्रान्त उपाध्यक्ष एवं ट्रॉमा सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ संदीप तिवारी ने बताया कि एनएमओ एमबीबीएस व बीडीएस के चिकित्‍सक व विद्यार्थियों से जुड़ा, समर्पित सेवा संगठन है।

 

डॉ संदीप तिवारी ने बताया कि ये यात्रा, श्री विवेक्श्रीष्टि योग संस्थान, अयोध्या धाम से प्रातः 7 बजे आरम्भ होकर नेशनल हाईवे-28, पर सभी ग्रामों में स्वस्थ जीवन शैली, असंक्रामक बीमारियों, हाईपरटेंशन, डायबिटीज, एनीमिया से बचाव के तरीकों पर उद्वोधन करते हुए आरोग्य का सन्देश प्रदान करेगी। साइकिल यात्रियों का रात्रि विश्राम रामसनेहीघाट, बाराबंकी में, प्रथम दिन 67 किमी की यात्रा के समापन पर होना है। अगले दिन की यात्रा जिसकी दूरी 60 किमी होगी, भिटरिया से प्रारम्भ होकर बाराबंकी नगर, हिन्द मेडिकल कॉलेज होते हुए लखनऊ में प्रवेश करेगी। यहां इसके साथ नगर की शोभा यात्रा से जुड़ जाएगी, जो आरएमएल मेडिकल कॉलेज होते हुए कलाम सभागार, केजीएमयू में सम्पन्न होगी।

 

एनएमओ के राष्ट्रीय सचिव डॉ योगेंद्र मलिक ने कहा कि एनएमओ से देशभर में करीब 15 हजार विद्यार्थी जुड़े हुए हैं और यह सभी छात्र-छात्राओं किसी न किसी सामाजिक कार्य से जुड़े हुए हैं और इसके उनके अंदर नेतृत्व क्षमता आती है क्योंकि जो अन्य ऑर्गेनाईजेशन है वहां पर डॉक्टर्स एवं फैकल्टी को यह मौका मिलता है। उन्होंने बताया कि एनएमओ को यह मौका उपलब्ध कराता है कि वह अपने नेतृत्व क्षमता को बढ़ा सके। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इस ऑर्गेनाईजेशन में छात्राओं पर भी विशेष अवसर दिये जाते हैं कि वह आगे आकर समाज में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएं।