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टीबी मरीजों के ‘पोषण यज्ञ’ में अब तक 300 ‘आहूतियां’ दे चुके हैं सत्येन्द्र कुमार

-केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में नर्सिंग ऑफीसर पद पर हैं तैनात

सेहत टाइम्स

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू), लखनऊ के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग द्वारा टीबी उन्मूलन की दिशा में निरंतर सामाजिक एवं चिकित्सकीय प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे ही प्रयासरत लोगों में एक हैं विभाग में तैनात नर्सिंग ऑफीसर सत्येन्द्र कुमार। टीबी मरीजों को आवश्यक पोषक आहार मिले इसके लिए निक्षय मित्र बनने का आह्वान किये जाने के बाद से सत्येन्द्र कुमार समय-समय पर टीबी रोगियों को पोषण पोटली प्रदान करते रहते हैं।

नवरात्रि पर लिया 10 कन्याओं को गोद

इसी क्रम में सोमवार को सम्पन्न हुई शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर निक्षय मित्र सत्येंद्र कुमार ने टीबी से पीड़ित 10 कन्याओं को गोद लेकर उन्हें पोषण पोटली प्रदान की। सत्येन्द्र कुमार द्वारा अब तक 300 से अधिक मरीजों को गोद लिया जा चुका है। बताते चलें कि इस पहल का उद्देश्य टीबी से पीड़ित बच्चों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और मनोबल को मजबूत करना है।

प्रो सूर्यकान्त ने की सराहना

रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त ने सत्येंद्र कुमार की सराहना करते हुए कहा कि नवरात्रि नारी शक्ति, करुणा, सेवा और संवेदनशीलता का प्रतीक है। ऐसे पावन अवसर पर टीबी पीड़ित कन्याओं को पोषण पोटली प्रदान करना सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण है। टीबी के उपचार में दवाओं के साथ पर्याप्त पोषण, नियमित चिकित्सकीय परामर्श तथा परिवार एवं समाज का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। बच्चों को विशेष देखभाल और प्रोत्साहन मिलना चाहिए, ताकि वे बिना भेदभाव के सामान्य जीवन जी सकें और अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। विभाग द्वारा अब तक 500 से अधिक टीबी मरीजों को गोद लेकर सहायता प्रदान की जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 से एक गांव और एक स्लम क्षेत्र में टीबी नियंत्रण एवं जनस्वास्थ्य गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। केजीएमयू द्वारा लगभग 15 ग्राम पंचायतों को भी गोद लिया गया है। उन्होंने सक्षम व्यक्तियों, संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और स्वास्थ्यकर्मियों से निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों की सहायता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पोषण, नियमित उपचार और सामुदायिक सहयोग से ही टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

कार्यक्रम में विभाग के चिकित्सक डॉ आर.ए.एस. कुशवाहा, डॉ सन्तोष कुमार, डॉ राजीव गर्ग, डॉ अंकित कुमार के साथ साथ जूनियर डॉक्टर्स, उपनर्सिग अधीक्षक सुतापा बनर्जी, नवनीत, मजीत कौर सहित अन्य नार्सिग स्टाफ, डाट्स स्वास्थ्यकर्ता, विभाग के कर्मचारी एवं मरीजों के परिजन भी उपस्थित रहे।