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अगले वर्ष यूपी में चौबीस लाख यूनिट रक्त जुटाने का लक्ष्य रखें : प्रो गौरव अग्रवाल

-संजय गांधी पीजीआई में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर आयोजित किये गये दो दिवसीय कार्यक्रम

सेहत टाइम्स

लखनऊ। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी 1 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस का वृहद आयोजन प्रदेश स्तर पर किया गया। इस वर्ष राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस की थीम “One Drop of Humanity. Give Blood. Save Lives.” है। इसी क्रम में संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ में सी०वी० रमन सभागार, लाइब्रेरी कॉम्पलेक्स में प्रातः 10:30 बजे मुख्य अतिथि कार्यकारी निदेशक प्रो० (डा०) गौरव अग्रवाल की उपस्थिति में “स्वैच्छिक संस्थाओं, रक्तदाताओं तथा रक्तकेन्द्रों का सम्मान समारोह एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम” विषय पर “वृहद कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि ने सम्बोधन में प्रदेश में स्वैच्छिक रक्तदान की बढ़ोतरी पर खुशी व्यक्त की तथा अगले वित्तीय वर्ष में उत्तर प्रदेश द्वारा लगभग चौबीस लाख रक्त यूनिट का लक्ष्य प्राप्त करने व स्वैच्छिक रक्तदान के लिए लोगों का आह्वान किया।

स्वैच्छिक रक्तदाताओं का सम्मान

यह जानकारी संस्थान द्वारा जारी विज्ञप्ति में देते हुए बताया गया है कि शिविर में प्रदेश के विभिन्न जनपदों के 9 रक्तकेन्द्र, 10 रक्तदान शिविर आयोजक और 20 स्वैच्छिक रक्तदाताओं का सम्मान एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर आये हुए रक्तदान आयोजनकर्ता रक्तकेन्द्र व रक्तदाता को सम्मानित किया गया तथा पोस्टर व स्लोगन प्रतियोगिता में विजयी छात्र एवं छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। संस्थाओं व रक्तदाताओं ने अनुभव साझा किये तथा हाल में उपस्थित समस्त लोगों द्वारा रक्तदान करने व जनमानस को जागरूक करने की शपथ ली गयी।

इस अवसर पर रवीन्द्र कुमार, निदेशक, राज्य रक्त संचरण परिषद, उ०प्र०, द्वारा सभी का स्वागत किया एवं स्वैच्छिक रक्तदान बढ़ाने का आवाहन किया एवं प्रदेश में रक्त सुरक्षा कार्यक्रम की स्थिति में प्रकाश डाला। तदोपरान्त डा० संजय सोलंकी, संयुक्त निदेशक, उ०प्र० राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी, लखनऊ उ०प्र० ने रक्तदान के महत्व को समझाया उनके उपरान्त डा० प्रीती एलहैन्स, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग, संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ ने अपने विचार व्यक्त किये। इस मौके पर राकेश राय (राज्य रक्त संचरण परिशद), प्रकाश सिंह, संयुक्त निदेशक (प्रशासन), प्रो० (डॉ०) अनुपम वर्मा, प्रो० (डॉ०) अतुल सोनकर, डॉ० भरत सिंह, डॉ० पल्लवी रानी, डॉ० आरुशी साहनी, डॉ० वसुन्धरा सिंह, डॉ० प्रियंका नागस्थ एवं ट्रान्सफ्यूजन मेडिसिन विभाग के रेजिडेन्ट डॉक्टर भी उपस्थित रहे।

वॉकाथॉन, रंगोली प्रतियोगिता एवं पोस्टर प्रतियोगिता

इस दिवस के कार्यक्रमों की शृंखला में इससे पूर्व 30 सितम्बर को ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग, संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस ने वॉकाथॉन, रंगोली प्रतियोगिता एवं पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। वॉकाथॉन का शुभारंभ, संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो० (डॉ०) देवेन्द्र गुप्ता एवं रवीन्द्र कुमार, (IAS) निदेशक, राज्य रक्त संचरण परिषद, उ०प्र० ने गुब्बारे उड़ाकर एवं हरी झंडी दिखा कर किया। पोस्टर व रंगोली प्रतियोगिता में संस्थान के छात्रों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। 30 सितम्बर की शाम को संस्थान के विभिन्न स्थानों में रक्तदान का महत्व बताने वाला नुक्कड़ नाटक जागरूकता के लिए प्रस्तुत किया गया।

रक्त का विकल्प नहीं, मनुष्य ही एकमात्र साधन

विज्ञप्ति में बताया गया है कि “रक्त’ का कोई विकल्प नहीं है, मनुष्य ही एक मात्र साधन है। ‘रक्तदान” के माध्यम से ही रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है। इसी कारण रक्तदान को “महादान’ की संज्ञा दी गई है। आज मात्र एक यूनिट रक्त से चार-चार जीवन बचाए जा सकते हैं। स्वैच्छिक रक्तदान से प्राप्त रक्त ही सबसे सुरक्षित रक्त होता है। गर्भवती माताओं, गम्भीर रूप से बीमार व्यक्तियों, एच.आई.वी., हीमोफीलिया/थैलेसीमिया जैसे रोगों कासित बच्चों को रक्तदान के माध्यम से नया जीवन दिया जा सकता है। जन-मानस में अभी भी रक्तदान को लेकर कई भातिया व्याप्त है, जबकि तथ्य यह है कि 18 वर्ष से 65 वर्ष तक का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति, जिसका वजन 45 किलो ग्राम से अधिक हो, तीन माह के अन्तराल पर रक्तदान कर सकता है।

उत्तर प्रदेश सरकार सभी आम जनमानस को सुरक्षित रक्त एवं रक्त उत्पाद उपलब्ध कराये जाने के लिए कटिबद्ध है. जिसके उ‌द्देश्य की पूर्ति के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश शासन के अन्तर्गत राज्य रक्त संचरण परिषद, उत्तर प्रदेश अनवरत संघर्श शील एवं प्रयासरत है। इस क्रम में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार तथा समाज के हर वर्ग के सहयोग से प्रतिवर्ष 1 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस’ का आयोजन राज्य स्तर पर किया जाता है।