-उत्तर प्रदेश में भारतीय नर्सिंग परिषद से बिना मान्यता प्राप्त 582 कॉलेजों का हो रहा संचालन
-राजकीय नर्सेज संघ, उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की ऐसे कॉलेजों का संचालन रोकने की मांग

सेहत टाइम्स
लखनऊ। राजकीय नर्सेज संघ, उत्तर प्रदेश ने प्रदेश में बड़ी संख्या में संचालित हो रहे ऐसे नर्सिंग कॉलेज, जिनकी भारतीय नर्सिंग परिषद (आईएनसी) से मान्यता नहीं है, के संचालन पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए इनके संचालन पर रोक लगाने की मांग की है। राजकीय नर्सेज संघ ने प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा है कि ये हालात मुख्यमंत्री के नर्सिंग प्रोफेशन को नयी दिशा देने के विजन में बहुुत बड़ी बाधा हैं।
राजकीय नर्सेज संघ, उत्तर प्रदेश के महामंत्री अशोक कुमार द्वारा 26.04.2026 को लिखे गये पत्र में उठाये गये इस मुद्दे की पुष्टि के लिए भारतीय नर्सिंग परिषद और उ०प्र० नर्सिंग कौंसिल यूपीएनसी) की वेबसाइट पर दिये गये आंकड़ों को भी प्रस्तुत किया गया है। इन आंकड़ों के अनुसार भारतीय नर्सिंग परिषद द्वारा जीएनएम (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) कोर्स का संचालन करने वाले 267 कॉलेजों को मान्यता प्रदान की गयी है, जबकि बीएससी नर्सिंग की शिक्षा दे रहे मान्यता प्राप्त कॉलेजों की संख्या 192 है। इसके विपरीत उ०प्र० नर्सिंग कौंसिल में पंजीकृत जीएनएम कोर्स कराने वाले 615 तथा बीएससी नर्सिंग कोर्स कराने वाले नर्सिंग कॉलेजों की संख्या 426 है। इसका अर्थ है जीएनएम कोर्स का संचालन करने वाले 348 तथा बीएससी नर्सिंग कोर्स संचालित करने वाले 234 कुल 582 कॉलेजों के पास आईएनसी की मान्यता नहीं है।
पत्र में मुख्यमंत्री से ऐसे कॉलेजों का संचालन रोकने का अनुरोध करते हुए कहा गया है कि बीती 22 मार्च, 2026 को 1097 नर्सिंग अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देते हुए लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा नर्सिंग प्रोफेशन को नई दिशा देने की बात कही गई थी, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि उत्तर प्रदेश में नर्सिंग कोर्स के साथ-साथ विद्यार्थियों को अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनका कैरियर और सशक्त हो सके। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत वैध (डुअल) डिग्री का विकल्प भी उपलब्ध है, जिसके माध्यम से छात्र-छात्राएं नर्सिंग के साथ-साथ अन्य विषयों में भी अध्ययन कर सकते हैं।
पत्र में यह भी कहा गया है कि बिना INC मान्यता प्राप्त संस्थानों से GNM एवं B.Sc Nursing की पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थियों का पंजीकरण (Registration) उत्तर प्रदेश में हो जाता है, परंतु दूसरे प्रदेशों में नहीं हो पाता है, जिसके कारण ऐसे अभ्यर्थी उ०प्र० को छोड़कर देश के किसी अन्य प्रदेश या विदेश में नर्सिंग कार्य नहीं कर सकते हैं, जो कि उनके भविष्य के लिए संकट खड़ा कर सकता है।

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