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स्थापना की 157वीं वर्षगांठ धूमधाम से मना रहा ऐतिहासिक धरोहर बलरामपुर चिकित्सालय

-आधुनिक विज्ञान के साथ कदमताल मिलाता अस्पताल मोतियाबिंद की डायग्नोसिस में एआई का प्रयोग कर रहा

सेहत टाइम्स

लखनऊ। 1869 में स्थापित बलरामपुर अस्पताल कल 3 फरवरी को अस्पताल की स्थापना की 157वीं वर्षगांठ धूमधाम से मना रहा है। राजा बलरामपुर द्वारा विकसित यह अस्पताल कई पीढि़यों को जोड़ने वाली अत्यन्त महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर है। आधुनिक विज्ञान के साथ कदमताल मिलाते हुए अस्पताल जहां मोतियाबिंद की डायग्नोसिस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रयोग कर रहा है वहीं आने वाले वर्षों में अस्पताल को पूर्ण रूप से ई हॉस्पिटल के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रहा है।

प्रदेश के सबसे बड़े इस संदर्भित जिला चिकित्सालय के स्थापना दिवस समारोह के बारे में जानकारी देने के लिए 2 फरवरी को अस्पताल की निदेशक डॉ कविता आर्या ने एक संवाददाता सम्मेलन का आयोेजन किया था। पत्रकार वार्ता में अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ हिमांशु चतुर्वेदी भी उपस्थित थे। डॉ कविता ने चिकित्सालय की ऐतिहासिक यात्रा, वर्तमान उपलब्धियों एवं भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ कविता ने बताया कि आने वाले वर्षों में अस्पताल को पूर्णतय: ई हॉस्पिटल के रूप में विकसित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में पार्किंग की सुविधा को बढ़ाये जाने की आवश्यकता है, इसलिए नये पार्किंग स्थल के लिए शीघ्र प्रस्ताव भेजा जायेगा।

डॉ कविता ने बताया कि स्थापना दिवस समारोह गरिमामयी रूप से आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर चिकित्सालय परिसर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समारोह के मुख्य अ​तिथि प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री की भी जिम्मेदारी संभाल रहे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक तथा राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण होंगे, जबकि विशिष्ट अतिथियों के रूप में प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित कुमार घोष, चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण की सचिव ऋतु माहेश्वरी व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश की मैनेजिंग डाइरेक्टर पिंकी जोवेल के साथ ही महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ रतनपाल सिंह, महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ पवन कुमार अरुण एवं महानिदेशक प्रशिक्षण डॉ एचडी अग्रवाल को भी आमंत्रित किया गया है। समारोह में पद्मश्री डॉ एससी राय आठवां मेमोरियल व्याख्यान वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट पद्मश्री डॉ राजेन्द्र प्रसाद प्रस्तुत करेंगे। इस मौके पर एक सीएमई का भी आयोजन किया गया है।