-सात सदस्यीय समिति कर रही जांच, विभागों में पोस्टर चस्पा, 6 जनवरी को सायं 5 बजे तक दी जा सकती है सूचना

सेहत टाइम्स
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के पैथोलॉजी विभाग से उठे कथित लव जिहाद के विवाद के बाद विभाग में धर्मपरिवर्तन की गतिविधियों के चलने के आरोप, एक दूसरी घटना में नर्सिंग छात्रा द्वारा लिखायी गयी एफआईआर की घटना के बाद लगता है कि अब केजीएमयू प्रशासन ने घटनाओं को लेकर सबूत मांगने का दायरा बढ़ा दिया है। अब प्रशासन ने संस्थान से जुड़ी किसी भी महिला पर धर्म परिवर्तन के दबाव के संदर्भ में 2 जनवरी को एक कार्यालय आदेश जारी किया है। इस आदेश को यहां के विभागों पर चस्पा कर दिया गया है।
पैरामेडिकल संकाय के अधिष्ठाता प्रो केके सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि केजीएमयू में कार्यरत अध्यनरत समस्त महिला संकाय सदस्यों, रेजीडेंट चिकित्सकों, छात्राओं एवं महिला कर्मचारियों के संन्दर्भ में किसी भी व्यक्ति द्वारा धर्म परिवर्तन हेतु किसी प्रकार का दबाव, प्रेरणा अथवा प्रलोभन दिया जाता है तो ऐसे मामलों की जांच के उद्देश्य से कुलपति के निर्देशानुसार सात सदस्य समिति का गठन किया गया है। कार्यालय आदेश में कहा गया है कि इस प्रकार की किसी भी घटना की सूचना 6 जनवरी, 2026 को सायं 5 बजे तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि सूचना गोपनीय लिफाफे में प्रेषित की जा सकती है तथा अपनी पहचान गोपनीय रखते हुए भी सूचना दी जा सकती है। यदि सूचनाकर्ता द्वारा अपनी पहचान अंकित की जाती है तो उसे पूर्णतः गोपनीय रखा जाएगा। कार्यालय आदेश के अनुसार सूचना देने के लिए अधिष्ठाता पैरामेडिकल कार्यालय, चीफ प्रॉक्टर कार्यालय या चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय पर दी जा सकती है।

Sehat Times | सेहत टाइम्स Health news and updates | Sehat Times