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ब्‍लड को प्‍यूरीफाई करने वाली मशीन ‘एक्‍स रे इरेडिएटर’ लगी केजीएमयू में

-देश में लगी दूसरी मशीन है यह, अभी तक सिर्फ दिल्‍ली एम्‍स में है उपलब्‍ध

-कैंसर रोगियों के लिए वरदान है एक्‍स रे इरेडिएटर

-कुलाधिपति, राज्‍यपाल आनंदी बेन पटेल ने कई अन्‍य सेवाओं का भी किया उद्घाटन

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग में लगी एक्‍स रे इरेडिएटर मशीन का उद्घाटन किया गया है। इस मशीन की खूबी यह है कि ब्‍लड को विभिन्‍न संक्रमणों से प्‍यूरीफाई करती है। भारत में स्‍थापित होने वाली यह दूसरी मशीन है। इसका उद्घाटन चांसलर व राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल ने यहां अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में किया। राज्‍यपाल ने इसके साथ ही कई अन्‍य सेवाओं का भी उद्घाटन किया, इनमें मिलेट मेला, एसटीपी एंड ईटीपी सुविधा तथा इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी वार्ड का उद्घाटन शामिल है। राज्‍यपाल ने प्रधानमंत्री के आह्वान पर सभी लोगों को स्वयं के स्वास्थ्य के लिए मोटा अनाज खाने के लिए प्रोत्साहित किया एवं इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने को कहा। राज्यपाल ने रेडियो गूंज की प्रथम वर्षगांठ पर केजीएमयू टीम को बधाई देते हुए कहा कि समाज में सभी वर्गों में चिकित्सकीय जागरूकता बढ़ाने में इसका महत्वपूर्ण योगदान है। उन्‍होंने कहा कि नई तकनीकों ने आम आदमी के लिए चीजों को सुलभ और सुरक्षित बना दिया है।

ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की विभागाध्‍यक्ष डॉ तूलिका चंद्रा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि विभाग में स्‍थापित की गयी एक्स रे इरेडिएटर मशीन रक्त, प्लाज्मा और प्लेटलेट्स को विकिरणित करने के लिए उपयोगी है। विकिरण के बाद रक्त कई संक्रमणों से मुक्त हो जाता है। उन्‍होंने कहा कि बहुत बार ऐसा होता है कि रक्‍त दान करने वाले व्‍यक्ति के रक्‍त में कई प्रकार के इन्‍फेक्‍शन होते हैं लेकिन कम मात्रा में होने के कारण वह स्‍वयं को स्‍वस्‍थ महसूस करता है। लेकिन जिन मरीजों को अक्‍सर रक्‍त चढ़ाने की जरूरत पड़ती है उनमें उसका संक्रमण होने की संभावना ज्‍यादा रहती है, जो बाद में किसी न किसी बीमारी के रूप में सामने आती है। उन्‍होंने बताया कि एक्स रे इरेडिएटर मशीन से साफ किये गये रक्‍त के ऐसे मरीजों को सेप्सिस या अन्‍य प्रकार की जटिलताएं होने की संभावना नहीं के बराबर रहती है और इन रोगियों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो जाती है। इस मशीन के संबंध में डॉ तूलिका चंद्रा द्वारा एक वीडियो दिखाया गया।

इंटरवेंशनल रेडियोलोजी वार्ड की स्थापना

इस अवसर पर कुलपति ने बताया कि रेडियोडायग्नोसिस विभाग में इंटरवेंशनल रेडियोलोजी वार्ड की स्थापना की गयी है जिसमे 10 बेड हैं , जिनमे 8 बेड ऑक्सीजन सपोर्ट से युक्त हैं। साथ ही उन्होंने ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग में स्थापित एक्स-रे इरेडियेटर मशीन के बारे बताया कि यह मशीन सम्पूर्ण भारत की दूसरी मशीन है, पहली मशीन एम्स दिल्ली में उपलब्ध है। यह मशीन रक्त अवयवों में बहुत से बैक्टीरिया और वायरस को मार देता है, जिससे रक्त ट्रांसफ्यूजन में संक्रमण की सम्भावना नगण्य रहती है। उन्‍होंने बताया कि यह मशीन कैंसर मरीजों के लिए वरदान है। उन्होंने बताया कि इस विभाग द्वारा प्रतिवर्ष 1.5 लाख रक्त अवयवों की आपूर्ति की जाती है। कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण विभाग की डॉ कीर्ति श्रीवास्‍तव ने धन्‍यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर कार्यक्रम में प्रति कुलपति डॉ विनीत शर्मा समेत ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ तूलिका चंद्रा, प्रभारी रेडियो गूंज डॉ केके सिंह, रेडियोडायग्नोसिस विभाग के विभागाध्‍यक्ष डॉ अनित परिहार, कुलसचिव रेखा एस चौहान, फाइनेंस ऑफिसर विनय कुमार राय एवं समस्त फैकल्टी व छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।