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देश में 50  करोड़ लोग कर रहे हैं कोई न कोई नशा, नशामुक्ति के संकल्‍प की आवश्‍यकता

-गांधी जयंती पर नशा उन्‍मूलन पर गोष्‍ठी में डॉ सूर्यकान्‍त ने किया आह्वान

डॉ. सूर्यकान्त

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। देश में 50 करोड़ लोग किसी न किसी नशे का सेवन करते हैं, चाहें वह शराब का हो या तम्‍बाकू का अथवा दूसरी नशीले पदार्थों का। इनमें से 6 करोड़ लोग ऐसे भी हैं जो एक से ज्‍यादा प्रकार की नशीली वस्‍तुओं का सेवन करते हैं। इस तरह से भारत की एक तिहाई से ज्‍यादा आबादी गंभीर बीमारियों और फि‍र उससे होने वाली मृत्‍यु को दावत देने का कार्य कर रही है। यह एक गंभीर समस्‍या है, इसमें सबके सहयोग की जरूरत है। लोगों के साथ ही दूसरों को भी जागरूक करना होगा।

इस चिंतित कर देने वाली सच्‍चाई को बयां किया मुख्य अतिथि किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त ने। मौका था रविवार को गांधी जयंती के अवसर पर सत्यवादी हरिश्चन्द्र स्वास्थ्य परीक्षण समिति के तत्वावधान में संचालित रस्तोगी स्वास्थ्य परामर्श केंद्र खाला बाजार में नशा उन्मूलन पर आयोजित गोष्ठी का।

डॉ. सूर्यकान्त ने कहा कि देश में करीब 16 करोड़ लोग शराब का सेवन करते हैं तथा 28 करोड़ लोग तंबाकू व अन्य तम्बाकू उत्पादों जैसे- धूम्रपान आदि करते हैं। छह करोड़ लोग अफीम – गांजा चरस जैसे अन्य नशा करते हैं। इनमें से बहुत से लोग एक से ज्यादा नशा करते हैं। इस तरह से करीब 50 करोड़ लोग किसी न किसी नशे के शिकार हैं। जबकि इससे होने वाली बीमारियों की बात करें तो शराब पीने से लिवर की गंभीर बीमारियां हो जाती हैं जबकि तंबाकू के सेवन से 40 तरह के कैंसर और 25 तरह की अन्य बीमारियां पैदा होती हैं। कुल मिलाकर कोई भी नशा हो उससे हमारे स्वास्थ्य को नुकसान ही होता है और सिर से लेकर पैर तक हर अंग की तमाम बीमारियां होती हैं जिसमें दिमाग, लिवर, फेफड़ा, गुर्दा तथा पित्त की बीमारियां शामिल हैं। इन सभी मादक पदार्थों के सेवन से प्रतिवर्ष लाखों लोगों की मौत हो जाती है। नशे के सेवन के प्रमुख कारण बुरी संगत, तनाव तथा युवावस्था में भटकाव आदि हैं। डॉ सूर्यकांत ने कहा कि आइए आजादी के अमृत महोत्सव में हम सभी संकल्प लें कि अपने समाज को नशा मुक्त करेंगे और देश को स्वस्थ बनाएंगे।

यथाशीघ्र काबू पाना जरूरी : डॉ अल्‍पना रस्‍तोगी 

कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता डॉ. अल्पना रस्तोगी ने कहा कि समाज में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति चिंता की बात है, जिस पर यथाशीघ्र काबू पाना बहुत ही जरूरी है।

ऐसा ही चला तो देश का भविष्‍य अंधकारमय हो जायेगा : डॉ स्‍वतंत्र कुमार

इस मौके पर कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. स्वतंत्र कुमार ने कहा कि देश का उज्ज्वल भविष्य युवाओं के कंधे पर टिका है और यदि वही नशे के दलदल में फंसते चले गए तो देश का भविष्य अंधकारमय होता चला जाएगा। इसलिए आज की सबसे बड़ी जरूरत उनको नशे से उबारकर राष्ट्र निर्माण से जोड़ें ताकि हमारा विकसित देश बनने का सपना साकार हो सके। गोष्ठी में  राहुल  राज  रस्तोगी,  रजनीश गुप्ता,  समिति के अध्यक्ष दीपक कुमार रस्तोगी, विभा रस्तोगी,  धर्मेन्द्र नाथ रस्तोगी,  डॉ  अनिकेत रस्तोगी आदि उपस्थित रहे।

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