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करे कोई, भरे कोई : नर्सिंग संवर्ग के पात्र 489 कर्मी अब भी पुरानी पेंशन से वंचित

-राजकीय नर्सेज संघ, उत्तर प्रदेश के महामंत्री अशोक कुमार ने प्रमुख सचिव को लिखा पत्र, मांगा न्याय

अशोक कुमार

सेहत टाइम्स

लखनऊ। वर्ष 2004 से पूर्व विज्ञापित होकर नियुक्त हुए नर्सिंग संवर्ग के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित किए जाने के बावजूद 489 कार्मिक पुरानी पेंशन योजना के लाभ से वंचित हैं, उन्हें लाभ सिर्फ इसलिए नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि निदेशालय स्तर पर जिन अधिकारियों-कर्मचारियों को इन कार्मिकों को पुरानी पेंशन के लिए आवश्यक कार्यवाही करते हुए पत्रावली शासन को भेजनी थी, उन्होंने नहीं भेजी। परिणामस्वरूप जिनकी पत्रावली पहुंच गयीं उनके लिए शासनादेश हो गया, लेकिन जिनकी पत्रावलियां नहीं भेजी गयीं, उनके लिए शासनादेश अब तक नहीं हो पाया है। यानी लापरवाही विभाग की, खामियाजा कर्मी भुगत रहे हैं। कुल 755 पात्र नर्सिंग संवर्ग में से केवल 266 के लिए शासनादेश निर्गत किए गए हैं, जबकि शेष 489 कर्मचारी आज भी केवल विभागीय स्तर पर हुई देरी के कारण शासनादेश से वंचित हैं।

इस आशय का पत्र राजकीय नर्सेज संघ, उत्तर प्रदेश के महामंत्री अशोक कुमार द्वारा प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को लिखा गया है। पत्र में कहा गया है कि महानिदेशालय के अधिकारी/कर्मचारी के उदासीनता / लापरवाही के चलते पात्र कार्मिको के आवेदन पत्र/वांछित सूचना स्पष्ट संस्तुति सहित शासन को विलम्ब से प्रेषित किये जाने के कारण ऐसे कतिपय पात्र नसिंग अधिकारी पुरानी पेंशन से वंचित हो गयी हैं।

दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों को दण्डित करने की भी मांग

इस गंभीर विषय को लेकर सभी संबंधित एवं जिम्मेदार अधिकारियों को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है तथा मांग की गई है कि विभागीय देरी के कारण शेष रह गए सभी 489 पात्र नर्सिंग संवर्ग के लिए भी शीघ्र शासनादेश निर्गत कर पुरानी पेंशन योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए। विभागीय देरी की कीमत पात्र नर्सिंग संवर्ग को नहीं चुकानी चाहिए। इस विषय को लेकर नर्सिंग संवर्ग में रोष एवं असंतोष व्याप्त है। प्रकरण में लापरवाही व उदासीनता बरतने वाले दोषी अधिकारी एवं कर्मचारी को दण्डित करने की भी मांग की गयी है।