Sunday , September 19 2021

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने तैयार की आंदोलन की रणनीति

लखनऊ। अपनी 15 सूत्रीय मांगोंं को लेकर उत्तर प्रदेश के राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली है, इसके अनुसार अगले दो माह सभी जनपदों में अधिवेशन कर रणनीति पर विचार विमर्श किया जायेगा।

15 सूत्रीय मांगों को लेकर नयी सरकार को लिखेंगे पत्र

यह निर्णय आज यहां बलरातपुर अस्पताल के प्रांगण में हुई परिषद की बैठक में लिया गया। बैठक की जानकारी देते हुए परिषद के महामंत्री अतुल मिश्र ने बताया कि हमारी मांगों में केंद्र के समान भत्ते मिलना, वेतन विसंगति दूर करना, निजीकरण, ठेकेदारी व आउटसोर्सिंग समाप्त कर स्थायी नियुक्तियां किया जाना, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करना, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद तथा अन्य संघों के साथ हुए समझौते को लागू करने, नकदीकरण व्यवस्था पुन: बहाल करने, एसीपी में ग्रेड पे 4600 को इग्नोर कर 4800 ग्रेड पे की परिवर्तित मेर्टिक्स का लाभ दिये जाने, 8-16-24 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति वेतनमान स्वीकृत किये जाने, केंद्र्र के समान एलटीसी सुविधा अनुमन्य किये जाने सहित 15 मांगें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जिलों में अधिवेशन से पहले प्रदेश सरकार को मांग प्रेषित कर उन्हें पूर्ति करने का अनुरोध किया जायेगा।

पुराने निर्णयों का क्रियान्वयन न होना दुर्भाग्यपूर्ण

उन्होंने बताया कि बैठक में प्रदेश की नयी सरकार को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया कि सरकार अपनी कल्याणकारी योजनाओं में कर्मचारियों के हितों को भी सम्मिलत करे। उन्होंने बताया कि बैठक में दुख व्यक्त करते हुए कहा गया कि सरकार के गठन के तुरंत बाद ही सातवें वेतन आयोग का एरियर वर्ष 2017-18 की वर्ष 2018-19 में आहरित करने का निर्णय जो लिया गया है, यह कर्मचारियों के हितों के प्रतिकूल है। बैठक में उपस्थित कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष वीपी मिश्र ने कहा कि प्रदेश शासन में उच्च स्तरीय बैठकों में लिये गये निर्णयों का क्रियान्वयन लम्बित है, डिप्लोमा फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, ऑप्टोमेट्रिस्ट व अन्य संवर्गों की वेतन विसंगति तथा उच्च स्तरीय सहमति के बावजूद अभी तक लम्बित है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त हो रहा है। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष चंद्र शेखर पाण्डेय व महामंत्री गिरीश मिश्र ने कहा कि रोडवेेज कर्मियों सहित अन्य निगमों को अभी तक सातवें वेतन आयोग का लाभ न मिलने व विभिन्न समझौतों का क्रियान्वयन न होने से अब आंदोलन आवश्यक हो गया है।
बैठक में संगठन के प्रमुख व डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री केके सचान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उपेन्द्र प्रताप सिंह, राजकीय नर्सेज संघ की अध्यक्ष रानी वर्मा, महामंत्री अशोक कुमार, लैब टेक्नीशियन संघ के महामंत्री बीबी सिंह, ऑप्टोमेट्रिस्ट संघ के अध्यक्ष सर्वेश पाटिल, महामंत्री रवीन्द्र यादव, राजकीय फार्मासिस्ट संघ के अध्यक्ष सुनील यादव व महामंत्री अशोक कुमार, जिला अध्यक्ष सुभाष श्रीवास्तव, जेपी नायक, आरआर चौधरी, अजय पाण्डेय, राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय कर्मचारी संघ के सच्चिदानंद मिश्र, वन विभाग मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के  महामंत्री आशीष पाण्डेय, एक्स रे टेक्नीशियन एसोसिएशन के आरकेपी सिंह, कुष्ठ कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बीके सिंह, डेंटल हाईजेनिस्ट संघ के राजीव तिवारी, गन्ना पर्यवेक्षक संघ के अध्यक्ष मनोज राय, राजकीय शिक्षक संघ के संरक्षक वलीउल्लाह खां, अरविन्द पाण्डेय, केदार नाथ तिवारी, सिंचाई राजस्व संघ के संरक्षक प्रेमानंद चतुर्वेदी, नीरज चतुर्वेदी,  राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के सचिव डॉ पीके सिंह, लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन के प्रवक्ता सुनील यादव, कमल श्रीवास्तव सहित राज्य कर्मचारियों के विभिन्न संवर्गों के पदाधिकारी, परिषद के प्रांतीय पदाधिकारी, जनपदों के अध्यक्ष-मंत्री, मंडलीय अध्यक्ष आदि ने अपने विचारों को रखते हुए प्रस्ताव को पारित किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

15 − 3 =

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com