मज़बूत दांतों में असरदार होम्योपैथी

दांतों से सम्बंधित समस्याओं के उपचार में होम्योपैथिक चिकित्सा उपयोगी है क्योंकि:

  • होम्योपैथी रोगियों का होलिस्टिकली उपचार करता है।
  • होम्योपैथिक उपचार बहुत प्रभावी होते  हैं और शायद ही कभी इसका कोई दुष्प्रभाव होता है  और
  • होम्योपैथिक उपचार  दांत दर्द, मुँह का अल्सर, मसूढ़े की सूजन, दांत पीसने की बीमारी या दांतों से सम्बंधित अन्य बीमारी का इलाज प्रभावी ढंग से कर सकता है।

होम्योपैथी के जरिये दांत दर्द का इलाज

दांत का दर्द एक आम समस्या है जिसमें दांतों के आस-पास के मसूढ़ों में दर्द उठता है, मसूढ़े सूज जाते हैं जो संभवतः दांतों तथा मसूढ़ों में संक्रमण फैलने की वजह से होता है।

दांत का दर्द  निम्नलिखित कारणों में से किसी भी एक कारण की वजह से हो सकता है:

  • दांतों में छेद होने से या दांत सड़ने की वजह से (दंत क्षय)
  • दांत के गूदे में सूजन एवं संक्रमण (पलपीटीस  )
  • दांत में फोड़े का होना
  • दांत के टूटने या उसमें दरार पड़ने की वजह से
  • मसूढ़ों के रोग की वजह से (पेरीडोनटितिस  सहित)
  • दांत के जड़ के बाहर दिखने की वजह से
  • दांतों के बीच या  गम रेखा के नीचे  खाद्य पदार्थ फंसने की वजह से
  • दांतों की तंत्रिका में जलन (दांत पीसने या जोर से किटकिटाने की वजह से )
  • दांतों में चोट लगने के बाद

मरक्युरिअस, चेमोमाईल्ला , बेलाडोना , कोफिया, सीलीसिया , केलकेरिया  फ्लुओरिका , केलकेरिया  फोसफोरिका , एस्टेफीसेग्रिया , केरिओसोट, आर्निका, जैसी कई औषधियां दांत दर्द के उपचार के लिए उपयोग किये जाते हैं। आपको जो दवाइयां दी जाती हैं वे आपके दर्द के लक्षणों पर आधारित होती हैं।

होम्योपैथिक उपचार दांत की कई समस्याओं , जैसे मुँह अल्सर, मसूढ़ों की सूजन, दांत दर्द, दांतों का पीसना, दांतों में फोड़े इत्यादि में बहुत उपयोगी होता है।  कई दंत चिकित्सक अक्सर उपचार के रूप में एक्सट्रेकशन के बाद आर्निका तथा फास्फोरस का  उपयोग मसूढ़ों से बहने वाले खून को बंद करने के लिए करते हैं। जिनके दांत दबाव या सुन्न करने वाली दवाइयों के प्रति संवेदनशील होते हैं उनके प्रभाव को कम करने के लिए कुछ चिकित्सक एकोनाईट का प्रयोग करते हैं।  होम्योपैथिक (माउथवाशेज ) ( जो हाईपेरिकम, प्रोपोलिस और कैलेंडुला जैसे जड़ी बूटियों के मिश्रण के बने हुए होते हैं) घरेलू उपचार के तौर पर इस्तेमाल किये जाते हैं।

होम्योपैथिक उपचार के दौरान सावधानी-

होम्योपैथिक दवाएं  दांतों में अचानक उठने वाले तेज दर्द या किसी भी तरह की अन्य समस्या से निजात दिलाने   में प्रभावकारी होती है। होम्योपैथिक  चिकित्सा में दांतों की अच्छी तरह देखभाल एवं उपचार किया जा सकता है जिससे कि दांत स्वस्थ रहे लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि आप स्वयं दांतों की सफाई इत्यादि पर ध्यान देना छोड़ दें।  यदि आप किसी दंत समस्या के लिए  होम्योपैथिक दवाओं का उपयोग कर रहे हैं तो आपको सलाह दी जाती है कि किसी अच्छे दंत चिकित्सक से भी इस सम्बन्ध में अवश्य मिलें।  एक होम्योपैथिक दंत चिकित्सक आपके दांतों में पारा की फिल्लिंग्स कर सकते हैं या रूट कैनाल उपचार अथवा एक्स  रे करवा कर उपचार कर सकते हैं हालाँकि इन उपचार से कुछ दुष्प्रभाव होने की संभावना रहती है।  यदि आप दंत  समस्या के लिए स्वयं चिकित्सा कर रहे हैं लेकिन ज्यादा फायदा नहीं हो रहा है तो आप किसी अच्छे  होम्योपैथिक चिकित्सक से मिलकर उन्हें पूरी बात बताएं और सही उपचार करवाएं।