फैशन शो करके जलवा बिखेरेंगी स्‍तन कैंसर को मात दे चुकी महिलायें

-बॉलीवुड की अदाकारा पद्मिनी कोल्‍हापुरे  व भजन गायिका तृप्ति शाक्‍या भी रहेंगी मौजूद
-स्‍तन कैंसर के प्रति जागरूकता के लिए इस तरह का कार्यक्रम पहली बार हो रहा
प्रोफ़ेसर आनंद कुमार मिश्र

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। ब्रेस्‍ट कैंसर को हरा चुकी लखनऊ की महिलाएं बॉलीवुड अभिनेत्री पद्मिनी कोल्‍हापुरे और भजन गायिका तृप्ति शाक्‍या की मौजूदगी में आगामी 19 अक्‍टूबर को फैशन वॉक के जरिये अपने सौंदर्य का जलवा बिखेरेंगी। इस फैशन वॉक के आयोजन का उद्देश्य लोगों में यह बताना है इन महिलाओं ने ब्रेस्‍ट कैंसर को न सिर्फ हराया बल्कि यह उनके सौंदर्य में कहीं भी बाधक नहीं बना, आज भी वे दूसरी अन्य महिलाओं से किसी भी कीमत में कम नहीं हैं। स्तन कैंसर को मात देने वाले इस ग्रुप में दो पुरुष भी शामिल हैं।

गुरुवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता में यह जानकारी देते हुए कार्यक्रम के आयो‍जन सचिव किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के एंडोक्राइन सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफ़ेसर आनंद कुमार मिश्रा ने बताया कि लखनऊ ब्रेस्ट कैंसर सपोर्ट ग्रुप (एलबीसीएसजी) मीट 2019 सांइटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित की जा रही है। उन्‍होंने बताया कि बीते मई माह में 20 महिलाओं से शुरू हुआ यह ग्रुप अब 55-60 महिलाओं तक पहुंच चुका है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन का उद्देश्‍य यह भी है कि ब्रेस्ट कैंसर का समुचित इलाज अब यहीं लखनऊ शहर में और वह भी सरकारी अस्पताल में उपलब्ध है। साथ ही यह भी कि इस बीमारी से मुक्त हुए लोग आत्मविश्वास के साथ जीवन व्यतीत कर रहें है। यह स्तन कैंसर से मुक्‍त हुए लोगों के द्वारा सन्देश देने के लिए देश का पहला कार्यक्रम है वर्तमान आयोजन में 45 से 60 वर्ष के 50 से  60  स्तन कैंसर से ठीक हुए मरीजों द्वारा प्रतिभाग करने की सहमति कर दी गयी है।

उन्होंने कहा कि यदि शुरुआती स्टेज में इसका पता लग जाता है तो इसका इलाज सिर्फ सर्जरी से करके किया जा सकता है लेकिन जब यह एडवांस स्टेज में पहुंच जाता है तो फिर सर्जरी के साथ कीमोथेरेपी रेडियोथेरेपी जैसे उपचार की आवश्यकता पड़ती है। उन्‍होंने बताया कि दो तिहाई मरीज कैंसर की एडवांस स्‍टेज होने पर आते हैं। उन्होंने कहा कि स्‍तन में गांठ अगर दो सेंटीमीटर की है तो सिर्फ सर्जरी से काम चल जाता है लेकिन अगर बढ़कर 4 सेंटीमीटर की हो गयी है तो सर्जरी के साथ कीमोथैरेपी, रेडियोथैरेपी भी करनी पड़ती है।

डॉ आनंद ने कहा कि इसलिए उनकी सलाह है कि 40 वर्ष के बाद प्रत्येक महिला को महीने में एक बार अपने स्तन की स्वयं जांच करनी चाहिए उन्होंने कहा कि यह बहुत आसान है जांच करते समय महिलाओं को यह देखना है कि उनके स्तन में कहीं कोई गांठ तो नहीं उभर रही है और अगर ऐसा लगे तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

देखें वीडियो-स्‍तन कैंसर को मात दे चुकीं महिलाओं द्वारा किये जाने वाले फैशन शो के बारे में डॉ आनंद कुमार मिश्र ने बताया

डॉ आनंद ने बताया कि इसके अलावा कैंसर के अन्य लक्षणों में निप्पल का अंदर की ओर धंसना, चमड़ी लाल होकर मोटी हो जाना, निप्‍पल के किनारे काले घेरे में घाव, निप्पल से पानी या खून का स्राव होना, कांख (बगल) में कोई गांठ होना जैसा देखें तो चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने बताया स्वस्थ महिलाओं को भी साल में एक बार अपने स्तन की मैमोग्राफी करानी चाहिए।

जो बीवी से करे प्‍यार…  देखेें वीडियो 

 

उन्होंने बताया की जागरूकता के लिए इस बार की थीम हमने चुनी है कि जो माता बहनों से करें प्यार वह स्तन की जांच कैसे करें इनकार तथा दूसरी है जो बीवी से करे प्यार वह स्तन की जांच से कैसे करे इनकार। उन्‍होंने बताया कि यह कार्यक्रम प्रातः 10 बजे से शुरू होगा और लगभग दोपहर के 2 बजे भोजन के साथ समाप्त हो जायेगा। इस कार्यक्रम में कोई भी भाग ले सकता है।