Monday , October 25 2021

स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर उत्‍तर प्रदेश की अपनी अलग नीति तैयार कर रही योगी सरकार

उप मुख्‍यमंत्री ने चतुर्थ भारतीय अंतरराष्‍ट्रीय विज्ञान महोत्‍सव के अंतिम दिन की घोषणा

लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश के लिए एक नयी स्‍वास्‍थ्‍य नीति तैयार की जा रही है। यह स्‍वास्‍थ्‍य नीति राज्‍य सरकार द्वारा ही तैयार की जा रही है। उम्‍मीद है कि इसका अंतिम रूप जल्‍दी ही तैयार होगा। यह बात उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डा. दिनेश शर्मा ने यहां इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में चल रहे चतुर्थ भारतीय अन्तर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव के अन्तिम दिन स्वास्थ्य कॉन्क्लेव में कही। उन्‍होंने कहा कि चिकित्सक एवं वैज्ञानिकगण जीवन विज्ञान की अनेक चुनौतियों को साझा करने के लिए बौद्धिक मंथन करके स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का स्थायी निराकरण करने एवं जागरूकता फैलाने की प्रभावी रणनीति तैयार करने में निश्चित रूप से सफल होंगे। उन्‍होंने कहा कि बिना लोक स्वास्थ्य में सुधार किये लोगों के जीवन स्तर को ऊँचा नहीं किया जा सकता है। स्वस्थ नागरिक राष्ट्र की समृद्धि के मुख्य स्तम्भ होते हैं।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एक ऐसे प्रदेश की कल्पना करती है, जहां प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हो, जो चिकित्सा विशेषज्ञों से सीधे जुड़ सकें तथा जनमानस व्याधिग्रस्त होने पर शीघ्रतिशीघ्र अस्पताल पहुंच सकें। हमारा हर जिला सुपर स्पेशियलिटी हास्पिटल युक्त हो और एअर एम्बुलेंस की सुविधाओं से भी लैस हो। सरकार गम्भीरता के साथ स्वास्थ्य को लेकर अपनी एक अलग नीति लागू करने जा रही है। प्रदेश की विशालता और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की विविधताओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य नीति का मसौदा तैयार कर रहा है, जिसका अन्तिम रूप जल्द ही तैयार हो जायेगा। उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में शोध को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिवर्ष  लगभग 50 से अधिक शोध परियोजनाओं को वित्त पोषित किया जा रहा है।