रोजाना 800 कैलोरीयुक्त भोजन के सेवन से आये आश्चर्यचकित परिणाम
लखनऊ। क्या आप जानते हैं कि टाइप टू डायबिटीज (गोलियों पर निर्भरता वाली) को ठीक किया जा सकता है, जी हां, रिसर्च में यह साबित हो गया है कि इस कैटेगरी वाली डायबिटीज के मरीज को कम कैलोरी वाला भोजन देकर उसका शुगर लेवल ठीक आ गया।
जीवन शैली से जुड़ी इस बीमारी के बारे में बताने और मीडिया के लोगों की कार्यशैली के चलते उनकी दिनचर्या और तनाव में कार्य करने को लेकर आयोजित आज के विशेष कार्यक्रम में सभी की शुगर जांच, ब्लड प्रेशर जांच आदि का आयोजन किया गया। इस मौके पर यह जानकारी देते हुए केजीएमयू के प्रोफेसर और रिसर्च सोसाइटी फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया (आरएसएसडीआई) यूपी चैप्टर के डॉ नरसिंह वर्मा ने बताया कि अगर मरीज और चिकित्सक दोनों दृढ़प्रतिज्ञ हों तो टाइप-2 डायबिटीज 100 प्रतिशत ठीक हो सकती है। इस कार्यक्रम में डायबिटीज रोग विशेषज्ञ व आरएसएसडीआई के डॉ अनुज माहेश्वरी ने भी मीडिया कर्मियों को अनेक महत्वपूर्ण जानकारियां दीं तथा उनके प्रश्नों के जवाब दिये।
आपको बता दें कि डायबिटीज दो प्रकार की होती है, टाइप-1 तथा टाइप-2 डायबिटीज। टाइप-1 डायबिटीज के मरीज के शरीर में या तो इंसुलिन नहीं बनती है या बहुत कम बनती है इसलिए मरीज को इंसुलिन के इंजेक्शन पर निर्भर रहना पड़ता है जबकि टाइप टू में इंसुलिन के प्रति विरोध पैदा होता है यानी शरीर में बनने वाली इंसुलिन का सही तरीके से उपयोग नहीं हो पाता है इसलिए इसे दवाओं से नियंत्रित किया जाता है। डॉ वर्मा ने बताया कि रिसर्च में पाया गया कि टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों को 800 कैलोरीयुक्त भोजन दिया गया तो पाया गया कि रक्त में शुगर का लेवल सामान्य रहा। यह पूछने पर कि अगर ठीक होने के बाद मरीज को 800 कैलोरीयुक्त से ज्यादा का खाना दिया जाये तो ? इस पर उनका कहना था कि अगर कैलोरी का लेवल बढ़ायेंगे तो शुगर का लेवल भी बढ़ जायेगा।
उनसे पूछा गया कि 800 कैलोरीयुक्त भोजन में अगर मरीज का पेट न भरे तो क्या करना चाहिये, इस पर उन्होंने कहा कि खीरा और टमाटर दो चीजें ऐसी होती हैं जो पेट भरने के लिए ज्यादा मात्रा में भी खायी जा सकती हैं, इससे शुगर लेवल नहीं बढ़ता है।
डॉ वर्मा ने बताया कि भारत में डायबिटीज बहुत तेजी से बढ़ रही है। इस समय भारत में 72 मिलियन लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। उन्होंने बताया कि प्रति छह मिनट में विश्व में एक डायबिटिक ग्रस्त मरीज की मृत्यु हो जाती है। उन्होंने बताया कि विश्व मधुमेह दिवस हर साल 14 नवम्बर को मनाया जाता है, और इस साल की थीम है परिवार और डायबिटीज। उन्होंने बताया कि डायबिटीज के लिए जिम्मेदार कारणों में से एक कारण का पता चला है कि हमारे शरीर के अंदर पाये जाने वाले बैक्टीरिया, जो कि करीब डेढ़ से दो किलो होते हैं। उन्होंने बताया कि हमारे पूर्वजों के और हमारे शरीर के अंदर पाये जाने वाले बैक्टीरिया बदल गये हैं, अच्छे और बुरे बैक्टीरिया हमारे द्वारा खायी जाने वाली चीजों से ही बनते हैं, ऐसे में जब हम फास्ट फूड आदि का सेवन करते हैं तो हमारे अंदर उसी के बैक्टीरिया पनपते हैं।
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार बहुत से लोग छोटी-छोटी दिक्कतों में एंटीबायटिक का प्रयोग कर लेते हैं जो कि ठीक नहीं है। एक और कारण है ब्लड प्रेशर में स्थिरता न रहना यानी कभी ज्यादा तो कभी कम, कभी बहुत ज्यादा, ऐसी स्थिति में भ्ज्ञी डायबिटीज की संभावना रहती है। डॉ वर्मा ने बताया कि रात का भोजन करने का आदर्श समय सात बजे से पूर्व है। लोगों को चाहिये किवे इस समय तक भोजन कर लें।
