जाड़े के मौसम में कैसा हो आपका खान-पान

वरिष्‍ठ होम्‍योपैथिक विशेषज्ञ डॉ अनुरुद्ध वर्मा की कलम से
डॉ अनुरुद्ध वर्मा

गर्मी के बाद जाड़े का मौसम बहुत ही खुशनुमा होता है यह मौसम सेहत के लिए तो अच्छा होता ही है साथ ही खान-पान के हिसाब से भी बहुत उपयुक्त माना जाता है। इस मौसम में पर्याप्त मात्रा में सब्जियां और फल-फूल उपलब्ध रहते है। ज्यादातर लोग जाड़े के मौसम को खा पीकर सेहत बनाने और आराम करने का मौसम मानते हैं फिर भी यह जानना जरूरी है कि जाड़े के मौसम में किन-किन चीजों को भोजन में शामिल करना चाहिए या किन चीजों को भोजन से अलग रखना चाहिए जिससे जाड़े का मौसम खुशनुमा हो सके ।

जाड़े के मौसम में कई प्रकार के फल जैसे सेब, अमरूद, मौसमी, नाशपाती आदि अनेक फल उपलब्ध रहते हैं। इस मौसम में भोजन में पर्याप्त फल लेने चाहिए साथ ही साथ फलों का रस भी प्रचुर मात्रा में प्रयोग करना चाहिए यह सेहत के लिए लाभदायक है। इस मौसम में ड्राई फ्रूट्स का प्रयोग भी लाभदायक है इसके साथ ही सूरजमुखी के बीज, मेथी, कद्दू बीज, नट्स आदि का प्रयोग ज्यादा करना चाहिए यह शरीर की थकान को दूर कर तरोताजा बनाते हैं।

जाड़े के मौसम में फल एवं सब्जियां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहती है उनका सूप बनाकर पीना चाहिए। इस मौसम में गाजर, ब्रोकोली, मशरूम, टमाटर, पालक, चुकन्दर या मिश्रित जूस बनाकर पीना चाहिए इससे शरीर में पानी की कमी तो दूर होती है साथ ही साथ शरीर को पर्याप्त ऊर्जा भी मिलती है। सर्दी के मौसम में रात को जल्दी भोजन करना चाहिए तथा रात को भोजन दोपहर के भोजन की अपेक्षा हल्का होना चाहिए। सर्दी के मौसम में मोटे अनाज जिसमें मैग्नीशियम, कैल्शियम, फाइबर, विटामिन एवं एंटी आॅक्सीडेन्ट होते है जैसे बाजरा उसका प्रयोग करना चाहिए।

जाड़े के मौसम मे पर्याप्त सलाद का प्रयोग करना चाहिए। सलाद में मूली, पत्तागोभी, टमाटर, गाजर, चुकन्दर, शलजम आदि का प्रयोग पर्याप्त मात्रा मे ंकरना चाहिए यह आपके पाचन तंत्र को दुरूस्त रखते है साथ पर्याप्त ऊर्जा भी प्रदान करते है।

जाड़े के मौसम में चूंकि पर्याप्त तला भुना खाया जाता है इसलिए शारीरिक श्रम को बनाये रखना चाहिए साथ ही साथ योग, प्राणायाम, व्यायाम, टहलना आदि को नियमित तरीके से करते रहना चाहिए जिससे शारीरिक सक्रियता बनी रहे।जाड़े के मौसम में भोजन में विटामिन-सी युक्त फलों जैसे नींबू, आँवला, संतरा आदि का प्रयोग ज्यादा करना चाहिए। यह फल शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करते है। इनके प्रयोग से मौसमी बीमारियों से बचाव होगा।

जाड़े के मौसम मे ध्यान रखना चाहिए कि इस मौसम में ज्यादा वसायुक्त भोजन का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे शारीरिक श्रम कम होने के कारण मोटापा बढ़ सकता हैं तथा ह्दय रोगों की संभावना भी बढ़़ सकती है। इस मौसम में दावतों तथा वैसे भी ठण्डी चीजें जैसे कोलड्रिग, आइसक्रीम आदि का प्रयोग नहीं करना चाहिए यह आपके गले को खराब कर सकते है। हर मौसम की भांति जाड़े के मौसम में भी ताजा और गर्म भोजन ही करना चाहिए। डिब्बा बंद भोजन, जंकफूड, चाईनीज फूड, नूडल्स आदि के प्रयोग से बचना चाहिए। इस मौसम में बासी भोजन किसी भी हालत में नहीं खाना चाहिए। जाड़े के मौसम में काॅफी और चाय की तलब ज्यादा होती है यदि इसे ज्यादा मात्रा में ज्यादा लिया जाएगा तो पेट में जलन और गैस आदि की शिकायत हो सकती है इसलिए इसके प्रयोग से बचना चाहिए।

जाड़े के मौसम में पर्याप्त नींद जरूरी है इसलिये पर्याप्त मात्रा में नींद लेना ज्यादा जरूरी है। जाड़े के मौसम में यदि आप अपना खान-पान सही रखते है तो आप जाड़े के मौसम का आनन्द उठा सकते है।