शिक्षा का बाजारीकरण करना चाहती है सरकार, इस कोशिश को रोकना होगा

-माध्‍यमिक शिक्षक संघ के एमएलसी प्रत्‍याशी डॉ महेन्‍द्र नाथ राय का स्‍कूलों का दौरा जारी

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। कालीचरण इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य व उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के लखनऊ क्षेत्र के शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी डॉ महेंद्र नाथ राय ने कहा है कि सरकार शिक्षा को निजी हाथों में सौंप कर इसका बाजारीकरण करना चाहती है, स्कूलों को व्यावसायिक दरों पर बिजली मिल रही है, हाउस टैक्स व जलकर देना पड़ रहा है विद्यालयों के पास आय का कोई स्रोत न होने के कारण धीरे-धीरे एक दिन यह स्थिति यह बन जाएगी कि ये विद्यालय उद्योगपतियों के हाथों नीलाम हो जाएंगे।

डॉ राय ने यह बात सोमवार को लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज में शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए कही। अपने लिए वोट की अपील करने पहुंचे डॉ राय का लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज में भव्य स्वागत किया गया अपने लिए वोट की अपील करने गए डॉ राय को कॉलेज की प्रधानाचार्य सहित सभी शिक्षिकाओं ने समर्थन का वादा किया।

उन्होंने कहा सरकार उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को समाप्त कर उच्च शिक्षा के माध्यम से एक सम्मिलित शिक्षा सेवा आयोग का निर्माण कर रही है, उन्होंने कहा कि सरकार माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड एवं शिक्षा अधिनियम की सेवा सुरक्षा की धारा को अप्रत्यक्ष रूप से समाप्त कर शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को कमजोर करना चाहती है जिससे शिक्षकों की सेवाओं को समाप्त करने का रास्ता साफ हो जाए।

उन्‍होंने कहा कि सरकार की यह भी मंशा है कि‍ शिक्षा सेवा अभिकरण (ट्रिब्युनल) स्थापित करके उच्च न्यायालय से सहयोग की उम्मीद को रोक दिया जाए। सरकार चाहती है कि ट्रिब्युनल में अपनी विचारधारा के लोगों को अध्यक्ष एवं सदस्यों के पदों पर नामित करके स्वतंत्र विचार आधारित नैसर्गिक न्याय की प्रक्रिया को बाधित करना चाहती है। यह प्रयास शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए अभिशाप साबित होगा।

उन्‍होंने कहा कि अब सरकार विधान परिषद की सभी शिक्षक एमएलसी सीटों पर अपने प्रत्याशियों को येन केन प्रकारेण जिता कर शिक्षकों की आवाज को दबाना चाहती है, उन्होंने कहा सरकार वेतन वितरण अधिनियम को समाप्त कर ठेकेदारी व्यवस्था में शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सेवा दशा एवं वेतन दशा को ले जाना चाहती है जो कि संविधान की मूल भावना पर कुठाराघात है तथा भ्रष्टाचार एवं लूट को बढ़ावा देने वाला है, जबकि ईमानदार सरकार से ऐसी उम्मीद नहीं की जाती है। डॉ राय ने शिक्षकों से अपील की कि‍ शिक्षा, शिक्षालय एवं शिक्षकों के वेतन एवं सेवा सुरक्षा को बचाने के लिए विधान परिषद सीटों पर कब्जा करने की सरकार की मंशा पर निर्मम प्रहार करना आवश्यक है, इसलिए जाति, धर्म, क्षेत्र, संगठन के गुटीयवाद से ऊपर उठकर संवैधानिक अधिकार और संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था को बचाया जा सके ताकि गरीब शिक्षा से महरूम न हो सके अन्यथा विकसित एवं शक्तिशाली राष्ट्र की कल्‍पना कोरी ही साबित होगी।

डॉ राय ने अपील करते हुए कहा कि सभी शिक्षक साथी अपनी अस्मिता की रक्षा के लिए अधिक से अधिक संख्या में वोट कर शिक्षा के बाजारीकरण को रोकने में सक्रिय सहयोग करें। डॉ राय ने आज इससे पूर्व मोती नगर स्थि‍त बालिका विद्यालय तथा महाराजा अग्रसेन विद्यालय भी पहुंचकर शिक्षकों से अपने लिए समर्थन मांगा।