मुख्यमंत्री पहुंचे ट्रॉमा सेंटर, मरने वालों के परिवार को दो-दो लाख

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय केजीएमयू स्थित ट्रॉमा सेंटर में शनिवार शाम लगी आग के कारणों, नुकसान और उससे पडऩे वाले असर को लेकर गहमा-गहमी रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा, चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने रविवार को ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आग लगने के कारण शिफ्ट करने या सदमे से जान गंवाने वाले मरीजों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने कुलपति डॉ एमएलबी भट्ट को भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न होने की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने पुलिस, प्रशासन व फायर के अधिकारियों, कर्मचारियों, रेजिडेन्ट डॉक्टरों एवं अन्य स्टाफ द्वारा मरीजों की सहायता करने के लिए प्रशंसा करते हुए उन्हें सम्मानित करने की घोषणा की।

आग लगने के अलार्म से लेकर बुझाने के संयंत्र तक सब बेकार

इस बीच कुलपति ने पत्रकार वार्ता कर घटना की जानकारी देते हुए बताया है कि धुआं निकलते ही फायर अलार्म सिस्टम बजना चाहिये था यह न बजना निश्चित रूप से बड़ी खामी है, इसके लिए जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने फिर दोहराया कि आग लगने से किसी मरीज की मौत नहीं हुई है, और जो हुई हैं वह रोज की तरह सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है हालांकि मुख्यमंत्री द्वारा शिफ्टिंग के दौरान सदमें से जान गंवाने वाले मरीजों के सम्बन्ध में आख्या मांगी है साथ ही इन जान गंवाने वाले मरीजों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा भी की है अब देखना यह है कि अधिकारी अपनी रिपोर्ट में इन मरीजों की मौत के कारण के लिए क्या आख्या देते हैं। कुलपति द्वारा पत्रकारों को यह भी बताया कि जिन मरीजों को दूसरे प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती करना पड़ा उनको वापस बुलाया जा रहा है। उन्होंने मुफ्त में मरीजों को भर्ती कर इलाज करने वाले प्राइवेट नर्सिंग होम आदि की सराहना करते हुए उनको धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री ने फायर सेफ्टी महानिदेशक को निर्देश दिये कि सभी महत्वपूर्ण अस्पतालों, कार्यालयों, अन्य सरकारी भवनों तथा मल्टी स्टोरी भवनों की फायर सेफ्टी की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिये हैं।
ज्ञात हो मुख्यमंत्री ने मंडलायु्क्त को तीन दिन के अंदर जांच कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश कल ही दिये थे। इसी के अनुपालन में रविवार को मंडलायुक्त अनिल गर्ग ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजाा लिया। उन्होंने दूसरी मंजिल पर जहां आग लगी थी उस स्टोर तथा डिजास्टर -इंसेफ्लाइटिस वार्ड का जायजा लिया।

कुलपति कार्यालय भी सुरक्षित नहीं

कुलपति कार्यालय के भवन पर लगा पाइप भी मौजूदा समय में ऐसी स्थिति में नहीं है कि अगर कुलपति कार्यालय में आग लग जाये तो फायर ब्रिगेड वाले भी उस पाइप की मदद लेकर आग बुझा सकें। अग्नि शमन दल के लोगों ने यहां लगे पाइप को देखकर कहा कि इसमें पानी निकलता है या नहीं यह तो नहीं पता लेकिन अगर निकलता भी होगा तो इसमेें आग बुझाने में इस्तेमाल होने वाले पाइप को लगाने के लिए इसमें कोई व्यवस्था नहीं है।