लखनऊ। वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ राकेश सिंह ने कहा है आजकल डायबिटीज के साथ ही हृदय रोग भी काफी बढ़ रहा है और यह देखा जा रहा है कि छोटी उम्र के लोगों में भी यह हो रहा है इसके लिए आवश्यक है कि लोगों की जीवन शैली में बदलाव लाया जाये।
डॉ सिंह यहां इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम सीएमई एवं स्टेट लेवल रिफे्रशर कोर्स के पहले दिन आये हुए चिकित्सकों को सम्बोधित कर रहे थे। अपने विषय डायबिटीज और हृदय रोग से बचाव के बारे में बोलते हुए उन्होंने बताया कि करीब सात करोड़ लोग डायबिटीज से ग्रस्त हैं। उन्होंने बताया कि एक स्टडी में यह देखा गया है कि एक लाख हार्ट के मरीजों में ४४ प्रतिशत मरीजों को डायबिटीज निकली।
नियमित व्यायाम की सलाह
उन्होंने सलाह दी कि योग, प्राणायाम, नियमित व्यायाम से हृदय रोगों के साथ डायबिटीज पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दवा की एक सीमा होती है इसलिए आवश्यक यह है कि दवाओं का सेवन कम से कम किया जाये, इसके लिए जरूरी कि कुछ व्यायाम से और कुछ दवाओं से तनाव को कम करें ताकि इन रोगों का मुकाबला किया जा सके ।
मोटापे के कारण हो रहा किडनी रोग
सीएमई में किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर सत्येन्द्र कुमार सोनकर ने मोटापे के चलते होने वाले नुकसान के बारे में बताते हुए कहा कि ऐसे लोगों के मोटापे के चलते शरीर के अंदर ऐसे हार्मोन्स निकलते हैं जिनसे किडनी में नुकसान होता है। फलस्वरूप पहले डायलिसिस होते-होते बाद में ऐसे लोगों के गुर्दे पूरी तरह बेकार हो जाते हैं।
आईएमए ने आयोजित की सीएमई
इससे पूर्व सीएमई और स्टेट लेवल रिफ्रेशर कोर्स में आये हुए लोगों का आईएमए की लखनऊ शाखा के अध्यक्ष डॉ पीके गुप्ता ने स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह की सीएमई नियमित रूप से आयोजित होनी चाहिये, यह आईएमए का प्राइमरी एजेन्डा है। डॉ गुप्ता ने पूरे सत्र में गंभीरता से भाग लेते हुए स्पीकर्स से अनेक प्रश्न पूछे। साइंटिफिक चेयरपर्सन डॉ श्रद्धा सिंह, डॉ विजय कुमार और सचिव आईएमए लखनऊ डॉ जेडी रावत ने आयचे हुए अतिथियों का धन्यवाद अदा किया।
आज केजीएमयू की डॉ रुचिका टंडन और डॉ मनीश कुमार सिंह ने भी अपने-अपने विचार रखे। डॉ. मनीष कुमार ने नर्व को ब्लॉक कर कैंसर के दर्द से निजात दिलाने के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर डॉ रुखसाना खान, डॉ अर्चना मिश्रा, डॉ सरिता सिंह, डॉ एनडी टहिल्यानी, डॉ एमएल टंडन, डॉ पीआर दुआ, डॉ केके सावलानी और डॉ एससी चौधरी भी उपस्थित रहे।
