बीटेक की छात्रा शुभि का सपना है नशामुक्त समाज
लखनऊ। नशे की गिरफ्त में फंसते और बर्बाद होते लोगों को देखकर, उनके बारे में समाचार में पढ़-सुनकर किशोरावस्था से ही उसका मन बेचैन हो जाता था, धीरे-धीरे उसकी स्कूली शिक्षा पूरी हुई और वह अब बिट्स पिलानी से कम्प्यूटर में बीटेक कर रही है लेकिन नशे के खिलाफ उसके किशोरमन में उठी आवाज अब युवावस्था में मुखर हो चुकी है और वह जब भी लखनऊ आती है तो अपनी ओर से ही पहल करते हुए किसी न किसी कॉलेज में छात्र-छात्राओं को नशे के खिलाफ जागृत करने पहुंच जाती है। वह चाहती है कि समाज नशामुक्त हो। हम बात कर रहे हैं शुभि जैन की।
चिकित्सा शिक्षक पिता और शिक्षिका माता के दिये संस्कारों से पली-बढ़ी अंकिता आजकल अपने घर लखनऊ आयी हुई हैं।

गुरुवार को शुभि ने अलीगंज स्थित विद्या भारती कॉलेज में आरोग्य भारती के तत्वावधान में आयोजित समारोह में नशे से होने वाली हानियों के बारे में बताते हुए छात्रों को जागरूक किया। विद्यालय की ओर से शुभि को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया है। शुभि ने ‘सेहत टाइम्स’ से बात करते हुए बताया कि अक्सर मैं देखती हूं कि नशे के कारण परिवार तबाह हो जाते हैं, घरेलू हिंसा सहित अन्य अपराधों में लिप्त हमारी युवा पीढ़ी अपने भविष्य को अंधकारमय बना रही है।
शुभि का मानना है कि इसके खिलाफ जहां लोगों को समझाते हुए जागरूक करने की जरूरत है वहीं इस पर लगाम लगाने के लिए सरकार को भी पहल करनी चाहिये। शुभि का मानना है कि सरकार को चाहिये कि नशे की वस्तुओं की बिक्री धीरे-धीरे करके बंद कर देनी चाहिये क्योंकि एकदम से बंद करने से इससे जुड़े लोगों के रोजगार पर भी असर पड़ेगा लेकिन चरणबद्ध तरीके से इसे बंद करना मैं समझती हूं कि आसान होगा। अपनी ओर से विद्यालयों में जाकर नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के बारे में पूछने पर शुभि ने कहा कि मेरा मानना है कि इस तरह लोगों को जागरूक करने का कार्य करने की आवाज मेरे अंतर्मन से उठी है तो मैं जागरूकता की पहल अपनी ओर से ही कर लेती हूं।
