
लखनऊ। क्या आप जानते हैं कि मीठा-मीठा गुड़ कितना गुणकारी है। इसमें अनेक रोगों को नाश करने की शक्ति है। राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, संडीला, हरदोई में एक स्वास्थ्य परिचर्चा में संडीला व आसपास के दूरदराज गांव से आये ग्रामवासी,गणमान्य व्यक्तियों को चिकित्सालय प्रभारी डॉ देवेश कुमार श्रीवास्तव ने गुड़ के फायदे के बारे विस्तार से बताया कि गुड़ खाकर कैसे स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं।
खाना पचाने में करता है मदद
डॉ देवेश ने बताया कि खाना खाने के बाद अक्सर मीठा खाने का मन करता हैं। इसके लिए सबसे अच्छा है कि आप गुड़ खाएं। उन्होंने बताया कि गुड़ का सेवन करने से आप स्वस्थ बने रह सकते हैं। गुड़ पाचन क्रिया को सही रखता है, गुड़ शरीर का रक्त साफ करता है और मेटाबॉल्जिम ठीक करता है।
डॉ देवेश का ने बताया कि रोज एक गिलास पानी या दूध के साथ गुड़ का सेवन पेट को ठंडक देता है। इससे गैस की दिक्कत नहीं होती। जिन लोगों को गैस की परेशानी है, वो रोज़ सुबह शाम खाने के बाद थोड़ा गुड़ ज़रूर खाएं। उन्होंने बताया कि गुड़ में आयरन भी होता है, इसलिए यह एनीमिया के मरीज़ों के लिए बहुत फायदेमंद है खासतौर पर महिलाओं के लिए इसका सेवन बहुत अधिक ज़रूरी है।
त्वचा के लिए है लाभकारी
उन्होंने बताया कि त्वचा के लिए गुड़ बहुत लाभदायक है। उन्होंने बताया कि गुड़ ब्लड से खराब टॉक्सिन दूर करता है जिससे त्वचा चमकती है और मुहांसे की समस्या नहीं होती है।
जुकाम और कफ से राहत दिलाता है गुड़
उन्होंने कहा कि गुड़ की तासीर गर्म है, इसलिए इसका सेवन जुकाम और कफ से आराम दिलाता है। जुकाम के दौरान अगर आप कच्चा गुड़ नहीं खाना चाहते हैं तो तुलसी अदरक की चाय में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
एनर्जी का अच्छा स्रोत है गुड़
उन्होंने बताया कि गुड़ एनर्जी के लिए बहुत फायदेमंद है। ज़्यादा थकान और कमजोरी महसूस करने पर गुड़ का सेवन करने से आपका एनर्जी लेवल बढ़ जाता है। गुड़ जल्दी पच जाता है, इसे मधुमेह के रोगी बहुत ही कम मात्रा में मुंह मीठा करने को खा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि दिनभर काम करने के बाद जब भी आपको थकान हो,तुरंत गुड़ खाएं। गुड़ शरीर के टेंपरेचर को नियंत्रित रखता है। इसमें एंटी एलर्जिक तत्व हैं, इसलिए सर्दी जुकाम दमा के मरीज़ों के लिए इसका सेवन काफी फायदेमंद होता है।
गुड़ और काले तिल के लड्डू हैं अस्थमा में लाभदायक
जोड़ों के दर्द में राहत के लिए रोज़ गुड़ के एक टुकड़े के साथ अदरक का सेवन करें, इससे जोड़ों के दर्द की दिक्कत नहीं होगी। गुड़ के साथ पके चावल खाने से बैठा हुआ गला व आवाज खुल जाती है। गुड़ और काले तिल के लड्डू खाने से अस्थमा की परेशानी नहीं होती है। डॉ देवेश ने बताया कि जुकाम जम गया हो, तो गुड़ पिघलाकर उसकी पपड़ी बनाकर खिलाएं। गुड़ और घी मिलाकर खाने से कान का दर्द ठीक हो जाता है।
पांच ग्राम सौंठ दस ग्राम गुड़ के साथ लेने से पीलिया रोग में लाभ होता है। गुड़ का हलवा खाने से स्मरण शक्ति बढती है। पांच ग्राम गुड़ को इतने ही सरसों के तेल में मिलाकर खाने से श्वास रोग से राहत मिलती है।
डॉ देवेश कुमार ने बताया कि हृदयरोग, मधुमेह, जोड़ो का दर्द,सांस दमा बहुत बड़े रोग नही हर व्यक्ति बेहिचक आयुर्वेदिक चिकित्सक की देखरेख में उचित आयुर्वेदिक दिनचर्या व आहार-विहार,नियम-संयम अपनाता है तो वह पूर्ण स्वस्थ बना रह सकता है।
