व्‍हाट्सएप वर्चुअल क्‍लास ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए व्‍यवहारिक नहीं

-उत्‍तर प्रदेश माध्‍यमिक शिक्षक संघ चंदेल गुट ने की पुनर्विचार की मांग
डॉ महेन्‍द्र नाथ राय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चंदेल गुट) के प्रदेशीय मंत्री एवं प्रवक्ता तथा लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी डॉ. महेंद्र नाथ राय ने व्हाट्सएप वर्चुअल क्लास आयोजित करने के दिशा-निर्देश जारी करने को ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के साथ नाइंसाफी बताते हुए शिक्षा निदेशक एवं सरकार से इस पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

ज्ञात हो कोरोना की महामारी के समय जब विद्यालय बंद चल रहे हैं तब उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के निदेशक ने व्हाट्सएप वर्चुअल क्लास आयोजित करने के लिए 9 बिंदु का दिशा निर्देश जारी किया है। डॉ राय ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के ज्यादातर विद्यालय ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित है, इन विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों की आर्थिक दशा अच्छी नहीं है यह किसी प्रकार से अपने छात्रों के लिए फीस की व्यवस्था कर पाते हैं। उत्तर प्रदेश कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था पर आधारित राज्य है, वर्तमान में गांव में गेहूं के फसल की कटाई एवं हार्वेस्टिंग का कार्य जोरों पर चल रहा है छात्र इन कार्यों में अपने माता-पिता का हाथ बंटा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के पास मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप जैसे संसाधन उपलब्ध नहीं है, इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सुगम एवं निर्बाध रूप से चलने वाले इंटरनेट की व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यदि हम महानगरों के कॉन्वेंट एवं इंग्लिश मीडियम के विद्यालयों की तर्ज पर इस व्यवस्था को आधे-अधूरे और उचित तैयारी एवं प्रशिक्षण के बिना लागू करते हैं तो यह व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले उन अधिकांश छात्रों के साथ नाइंसाफी होगी जिनके पास उपर्युक्त संसाधन उपलब्ध नहीं है। यह समाज में भेदभाव को बढ़ावा देने वाली व्यवस्था बन कर रह जाएगी।

डॉ महेंद्र नाथ राय ने कहा है कि उनका संगठन शिक्षा निदेशक एवं सरकार से इस पर पुनर्विचार करने की मांग करता है। चंदेल गुट चाहता है कि केवल सीबीएससी और आईसीएससी बोर्ड के विद्यालयों जो शहरों में स्थित है और जिस में पढ़ने वाले अधिकांश छात्रों के अभिभावक आर्थिक रूप से मजबूत हैं उनकी नकल न करके प्रदेश की भौगोलिक, सामाजिक एवं आर्थिक व्यवस्था के अनुरूप यूपी बोर्ड के विद्यालयों में पढ़ने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए अपने निर्णय पर पुनर्विचार कर आदेश जारी करने का कष्ट करें।

उत्‍तर पुस्तिकाओं का मूल्‍यांकन घर पर ही कराने का सुझाव

डॉ महेंद्र नाथ राय ने कहा कि हाईस्कूल और इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन लॉकडाउन के कारण नहीं हो पा रहा है, अतः उत्तर पुस्तिकाओं को सैनिटाइज करके शिक्षकों को उनके घरों पर उपलब्ध कराया जाए जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शिक्षक उन कापियों का मूल्यांकन कर सकें और छात्रों का रिजल्ट समय पर जारी हो सके ,सरकार को इस पर भी विचार करना चाहिए।