-कर्मचारी परिषद का ऐलान, छलावा कर रहा है शासन, एक माह का किया था वादा

सेहत टाइम्स
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने पांच साल पुराने शासनादेश को अब तक लागू न किये जाने की मांग को लेकर पिछले माह 16 नवम्बर को महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा विभाग के आश्वासन के अब तक पूरा न किये जाने की जानकारी देते हुए केजीएमयू कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष प्रदीप गंगवार ने इस पर खेद जताते हुए कहा है कि यदि 16 दिसम्बर तक शासनादेश नहीं हुआ तो 17 दिसम्बर से ट्रॉमा सेंटर सहित पूरे संस्थान के कर्मचारी हड़ताल पर चले जायेंगे।
प्रदीप गंगवार ने यह जानकारी देते हुए बताया कि एस जी पी जी आई के कर्मियों के समान वेतनमान एवं भत्तों का 23 अगस्त, 2016 को जारी शासनादेश के क्रम में समवर्गीय पुनर्गठन न करने के क्रम में 16 नवंबर को आकस्मिक सेवाओं को छोड़कर ओपीडी इत्यादि सेवाए बाधित हुई थी। जिसके उपरांत देर शाम महानिदेशक ,चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा लिखित आश्वासन जारी कर 1 माह के भीतर 14 संवर्गों का पुनर्गठन करने का विश्वास दिलाते हुए कर्मचारी परिषद से आंदोलन को 1 माह के लिए स्थगित करने का अनुरोध किया गया था, किंतु लगभग 1 माह होने पर भी अभी तक 1 भी कैडर का शासनादेश जारी नहीं किया गया है।


प्रदीप गंगवार ने बताया कि इस सम्ब्न्ध में निरंतर कर्मचारी परिषद अनुस्मारक पत्र एवं वार्ता के माध्यम से उच्चाधिकारियो को अवगत कराती रही है, किंतु अभी तक एक भी शासनादेश जारी न कर शासन ने अपनी कथनी और करनी में फ़र्क़ दिखाते हुए के जी एम यू के कर्मियों के साथ छलावा एवं विश्वासघात किया है।
श्री गंगवार ने कहा है कि शासन के इस नकारात्मक कृत्य से कर्मचारियों ने यह निर्णय लिया है कि यदि 16 दिसम्बर तक शासनादेश जारी नहीं किया गया तो 17 दिसम्बर से के जी एम यू कर्मी ट्रॉमा सेंटर सहित समस्त सेवाएं बाधित करने पर विवश होंगे, जिससे प्रदेश की जनता को काफ़ी समस्यायें उठानी पड़ सकती हैं।
