Tuesday , November 30 2021

केजीएमयू में 50 और गंभीर मरीजों की भर्ती का रास्‍ता खुला

-25 ऑक्‍सीजन कन्‍सन्‍ट्रेटर के लिए केजीएमयू और आर.डब्‍ल्‍यू.एफ में एमओयू हस्‍ताक्षरित

-सिर्फ ऑक्‍सीजन की जरूरत वाले मरीजों से घिरे रहते हैं आईसीयू के बेड

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय (केजीएमयू) में 50 और गंभीर मरीजों की भर्ती का रास्‍ता खुल गया है। के0जी0एम्0यू0 तथा आर0डब्‍ल्‍यू0ऍफ़0 (राइट वॉक् फांउडेशन) के बीच समझौता ज्ञापन (एम्0ओ0यू0) हस्ताक्षरित  किया गया। जिसके अंतर्गत राइट वाक फांउडेशन के0जी0एम्0यू0 को कोविड रोगियों के लिये 25 ऑक्‍सीजन कन्‍सन्‍ट्रेटर उपचार के लिए प्रदान करेगा।  ऐसे मरीज जिन्‍हें साधारण देखभाल के साथ ऑक्‍सीजन की जरूरत है उन्‍हें ऑक्‍सीजन वाले बेड पर भर्ती न करके साधारण बेड पर भर्ती किया जा सकेगा, इन मरीजों को ऑक्‍सीजन इसी ऑक्‍सीजन कन्‍सन्‍ट्रेटर से दी जायेगी। आज का यह समझौता ज्ञापन केजीएमयू के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ0 बिपिन पुरी एवं कार्यक्रम निदेशक,राइट वाक फांउडेशन कुश आर0 त्रिपाठी के मध्य हस्ताक्षरित किया गया।

केजीएमयू के कोविड प्रभारी डॉ सूर्यकांत बताते हैं कि बिना ऑक्‍सीजन सुविधा वाले खाली पड़े बेड्स पर दो बेड पर एक ऑक्‍सीजन कन्‍सन्‍ट्रेटर लगाया जायेगा, इस प्रकार जिन मरीजों को सिर्फ ऑक्‍सीजन की जरूरत के कारण ऑक्‍सीजनयुक्‍त बेड पर भर्ती रखा गया है, ऐसे 50 बेड खाली हो जायेंगे जिन पर नये गंभीर मरीजों की भर्ती की जा सकेगी। दरअसल कुछ ऐसे भी मरीज होते हैं जो कोविड की गंभीर स्थिति से तो उबर चुके होते हैं लेकिन उन्‍हें ऑक्‍सीजन की जरूरत होती है।

ज्ञात रहे कोविड की सेकेंड फेज में ऑक्सीजन ही जान बचाने वाली साबित हो रही है। ऑक्‍सीजन कन्‍सन्‍ट्रेटर बिजली द्वारा संचालित एक छोटी मशीन होती है,यह वातावरण की वायु को शुद्ध ऑक्सीजन में बदलती है।

इस अवसर पर कुलपति ने कुश आर0 त्रिपाठी तथा राइट वाक फांउडेशन की संस्थापिका समीना बानो को धन्यवाद देते एवं आभार प्रकट करते हुए कहा , आर0डब्‍ल्‍यू0एफ़0 का यह सहयोग के0जी0एम्0यू0 को कोविड रोगियों के उपचार में और उन्नति प्रदान करेगा, हर वह रोगी जो इस संस्था की मदद से जीवन प्राप्त करेगा वह भी इस संस्था को दुआ देगा। इस अवसर पर प्रति कुलपति प्रो0 विनीत शर्मा एवं रेस्पिरेटरी विभाग के विभागाध्यक्ष व कोविड प्रभारी डा0 सूर्यकान्त उपस्थित रहे।

ज्ञात रहे की कुछ दिन पूर्व ही लखनऊ मैनेजमेंट के एक कार्यक्रम में डा0 सूर्यकान्त ने कोविड रोगियों के लिए ऑक्सीजन का महत्त्व बताते हुए लोगों से ऑक्‍सीजन कन्‍सन्‍ट्रेटर प्रदान करने की अपील की थी। इस अपील को लखनऊ विश्वविद्यालय की अंग्रेजी विभाग की प्रोफेसर निशी पाण्डेय ने सुना और  आर0डब्ल्‍यू0एफ़0 संस्था से संपर्क किया तथा इस समझौता ज्ञापन (एम्0ओ0यू0) हस्थाक्षरित होने में प्रमुख भूमिका निभाई। डा0 सूर्यकान्त ने भी  प्रोफेसर निशी पाण्डेय, राइट वाक फांउडेशन की संस्थापिका समीना बानो तथा कुश आर0 त्रिपाठी को उनके इस सहयोग के लिए हार्दिक धन्यवाद दिया।

कुश आर0 त्रिपाठी ने बताया यह संस्था उत्तर प्रदेश में पिछले 8 वर्षों से गरीब बच्चों की पढाई के लिए कार्य कर रही है तथा कोविड 19 के प्रारंभ से कोविड रोगियों को भोजन एवं अन्य सहयोग प्रदान कर रही है। संस्था ने वर्तमान में ऑक्सीजन के महत्व को देखते हुए ऑक्‍सीजन कन्‍सन्‍ट्रेटर की सहायता से के0जी0एम्0यू0 की कोविड रोगियों को ऑक्सीजन देने की पहल की है तथा संस्था द्वारा आगे भी सहायता कार्यक्रम चलता रहेगा।

इस अवसर पर कुश आर0 त्रिपाठी ने ऑक्‍सीजन कन्‍सन्‍ट्रेटर का प्रदर्शन भी किया। चूँकि भारत में यह नहीं मिल रहे हैं, यह संस्था ऑक्‍सीजन कन्‍सन्‍ट्रेटर विदेशों से मंगा रही है तथा जैसे – जैसे ही इनकी खेप आती जाएगी वैसे-वैसे ही के0जी0एम्0यू0 की आवश्यकतानुसार इसे उपलब्ध करा दिया जायेगा।