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मेडिकल साइंस क्षेत्र को हुआ है टेक्नोलॉजी का सर्वाधिक लाभ : डॉ नीरज बोरा

-सुश्रुत हॉस्पिटल में घुटने और कूल्हे की रोबोटिक सर्जरी सेवा का किया उद्घाटन

सेहत टाइम्स

लखनऊ। यहां सीतापुर रोड स्थित सुश्रुत हॉस्पिटल में रोबोटिक नी एंड हिप ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी Robotic Knee and Hip Joint Replacement Surgery सेवा की शुरुआत हो गयी है। आज 31 मई को लखनऊ उत्तर के विधायक डॉ नीरज बोरा ने दीप जलाकर-फीता काटने के बाद रोबोटिक सिस्टम का अनावरण किया। समारोह में उनके साथ एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज गौरव कुमार की विशेष उपस्थिति रही।

इस मौके पर डॉ नीरज बोरा ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज 31 मई को सुश्रुत हॉस्पिटल में रोबोटिक सर्जरी सेवा का उद्घाटन पुरषोत्तम मास में पूर्णिमा के दिन बहुत ही अनुकूल समय में हुआ है, क्योंकि पुरषोत्तम मास में कोेई मांगलिक कार्य जैसे विवाह, मुंडन तो नहीं होता है लेकिन दान-पुण्य करने, सेवा करने, मदद करने में इस मास का बहुत महत्व है। उन्होंने कहा कि आज टेक्नोलॉजी का बहुत महत्व है, इस एडवांसमेंट का सर्वाधिक लाभ मेडिकल साइंस Medical Science को मिला है।

अस्पताल के संचालक व रोबोटिक सर्जरी करने वाले वरिष्ठ ऑर्थोपैडिक सर्जन डॉ अनूप अग्रवाल ने बताया कि रोबोटिक करने वाले इस उपकरण की खूबी यह है कि इससे मरीज के घुटने और कूल्हे के हिसाब से सटीक तरीके के प्रत्यारोपण होता है, क्योंकि ऑर्थोपैडिक सर्जरी में इस बात का महत्व होता है कि अगर सटीकता के साथ सर्जरी नहीं हुई तो हड्डी टेढ़ी जुड़ सकती है। रोबोटिक सर्जरी में कम्प्यूटर स्वत: घुटने या कूल्हे को रीड करके पूरी प्लानिंग देता है और फिर उसके बाद रोबोटिक आर्म उस प्लानिंग के हिसाब से सर्जरी को अंजाम देता है। डॉ अनूप ने रोबोेटिक सिस्टम को ऑपरेट करते हुए इसके ऑपरेशन सिस्टम के बारे में भी जानकारी दी।

डॉ नीरज बोरा ने दी स्वामी रामभद्राचार्य के लखनऊ आगमन की जानकारी

इस मंच से डॉ नीरज बोरा ने बताया कि राम जन्मभूमि के मुकदमे में रामलला के जन्म स्थान को लेकर पांच जजों की खंडपीठ के समक्ष गवाही देते हुए उसे साबित करने वाले जगतगुरु तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य लखनऊ आ रहे हैं। रामानंद सम्प्रदाय के जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य की नौ दिवसीय राम कथा का आयोजन 1 जून से 9 जून तक सीतापुर रोड स्थित सेवा हॉस्पिटल परिसर के मैदान में किया जा रहा है। कथा रोज सायं 5 बजे से होगी। उन्होंने कहा ​कि कथा में पहुंचकर भक्तगण उनके दर्शनलाभ कर सकते हैं।