-केजीएमयू में अत्यन्त सस्ती दरों पर हो रही बच्चों की रोबोटिक सर्जरी : प्रो जेडी रावत
-दुर्लभ जन्मजात बीमारी कोलेडोकल सिस्ट से पीडि़त 11 वर्षीय बालक की हुुई सर्जरी

सेहत टाइम्स
लखनऊ। केजीएमयू के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में एक सप्ताह के अंदर दूसरी बार सफलतापूर्वक दुर्लभ जन्मजात बीमारी कोलेडोकल सिस्ट (Choledochal Cyst) की रोबोटिक सर्जरी की गयी है। कानपुर के रहने वाले रवि के 11 वर्षीय बेटे की यह सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ जेडी रावत की टीम द्वारा की गयी है। ज्ञात हो इससे पहले 20 मई को भी 9 वर्षीय बच्ची की यही सर्जरी हुई थी।
बालक की हुई सर्जरी के बारे में डॉ जेडी रावत ने बताया कि बच्चे के माता-पिता के माता-पिता के अनुसार उन्होंने बच्चे का इलाज कानपुर तथा लखनऊ के कई अस्पतालों में कराया किन्तु बच्चे की बीमारी के सम्बन्ध में सफलता नहीं मिली। केजीएमयू के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की इमरजेंसी पहुंचे मरीज को बीती 5 मई को भर्ती किया गया। बीमारी की जटिलता को देखते हुए मरीज को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने के साथ आवश्यक जांचें भी करायी गयीं। उन्होंने बताया कि मरीज की सटीक सर्जरी और तेजी से रिकवरी सुनिश्चित करने के लिए मरीज के अभिभावक को रोबोटिक विधि से सर्जरी कराने का सुझाव दिया गया, साथ ही बताया गया कि पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में रोबोटिक विधि द्वारा जटिल बीमारियों का इलाज काफी कम खर्च में उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि बीती 26 मई को मरीज का आपरेशन रोबोटिक तकनीक से कर दिया गया।
ज्ञात हो कोलेडोकल सिस्ट पित्त नलिकाओं (Bile ducts) की एक दुर्लभ, जन्मजात बीमारी है, जिसका यदि समय पर इलाज न किया जाए तो लिवर से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। कोलेडोकल सिस्ट की सर्जरी में असामान्य पित्त नलिका को हटाकर लिवर से आंत तक पित्त के बहाव के लिए एक नया रास्ता बनाया जाता है। उन्नत रोबोटिक तकनीक के उपयोग से सर्जिकल टीम को बेहद छोटे चीरों के माध्यम से और अधिक स्पष्टता व सूक्ष्म सटीकता के साथ काम करने में मदद मिली।
न्यूनतम खून का बहाव, रिकवरी भी होती है जल्दी
पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में यह तरीका ऑपरेशन के बाद के दर्द को काफी कम करता है, खून का बहाव न्यूनतम रखता है और मरीज को जल्दी ठीक होने में मदद करता है। सर्जरी करने वाली टीम में प्रो जे0 डी0 रावत, डॉ सुधीर सिंह, डॉ गुरमीत सिंह, डॉ कृति पटेल, डॉ कृतिका, एनेस्थीसिया विभाग की डा आयुशी बग्गा तथा नर्सिंग स्टाफ रीता, संजय और रिंकेश शामिल थे।
सर्जरी के बाद से मरीज की रिकवरी अच्छी रही और मरीज स्वस्थ है तथा उसे आज 4 जून को विभाग से डिस्चार्ज कर दिया गया। प्रो रावत ने मीडिया का विशेष आभार जताते हुए कहा कि केजीएमयू में अत्यन्त कम खर्च में हो रही बच्चों की रोबोटिक सर्जरी की जानकारी का संदेश आम जनता तक पहुंचाने में मदद मिली है। इसके साथ ही उन्होंने केजीएमयू की रोबोटिक कमेटी की टीम को भी इस सुविधा को प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए धन्यवाद दिया। कुलपति पद्मश्री प्रो सोनिया नित्यानंद ने सर्जरी करने वाली टीम को शुभकामनाएं दी हैं।

Sehat Times | सेहत टाइम्स Health news and updates | Sehat Times