-छह परिजनों के बीच वर-वधू ने मास्क पहनकर लिये फेरे
सेहत टाइम्स ब्यूरो
लखनऊ। विवाह के लिए दूल्हा–दुल्हन के साथ पंडित या पुरोहित की आवश्यकता तो पड़ती ही है, लेकिन कोरोना की वैश्विक महामारी ने चिकित्सक की आवश्यकता भी पैदा कर दी है। कोरोना से जंग के बीच चिकित्सक न सिर्फ इलाज कर रहे हैं बल्कि लोगों की शादी भी करा रहे हैं। शादी के बंधन में बंधने से पहले चिकित्सक अपनी जांच में देखता है कि कहीं आप कोरोना के बंधन में तो नहीं बंधे हैं। देश में पिछले 25 मार्च से लॉकडाउन चल रहा है। लोगों की दुनिया ही बदल गई है। सिर्फ जरूरी चीजों की दुकानें खुली हैं, लोग घरों में बैठे हैं। जीवन की गाड़ी की रफ्तार पर ब्रेक सा लगा हुआ है। धूमधाम से विवाह करना सभी की तमन्ना होती है, लेकिन इस महामारी ने हजारों-लाखों शादियों को टाल दिया है। इन्हीं लोगों के बीच से कुछ ऐसे भी लोग हैं जो विवाह को टालने के पक्ष में नहीं हैं, भले ही कितनी भी सादगी के बीच विवाह करना पड़े। इसी तरह की एक खबर झारखंड के पलामू जिले से आई हैं, जहां एक शादी में कुल 8 लोग शामिल हुए। खास बात यह कि इस शादी के लिए प्रशासन से अनुमति ली गयी थी, प्रशासन ने भी लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए विवाह के लिए अनुमति दी, इसके लिए बाकायदा एक सरकारी चिकित्सा अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई थी जिन्हें दूल्हा-दुल्हन सहित शादी में शामिल होने वाले लोगों की स्क्रीनिंग करने का दायित्व सौंपा गया था। इस बारे में ‘सेहत टाइम्स’ ने वधू खुशबू कुमारी के पिता सदर थाना अंतर्गत ग्राम चियांकी (भीमगाडा) मेंदिनी नगर, जिला पलामू निवासी प्रमोद राम से बात की तो उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के चलते शादी में कोई बड़ा समारोह नहीं किया जा सकता था लेकिन शादी भी करनी जरूरी थी ऐसे में लातेहार जिले के मनका थानान्तर्गत ग्राम रेवद (टोलाटोला नेवार) निवासी वर पवन कुमार के पिता सुदेश्वर राम ने भी इस पर सहमति जताई कि कुछ लोग शादी में शामिल होकर रस्म अदायगी कर दें। उन्होंने बताया कि उन्होंने पलामू के सह उपायुक्त कार्यालय में विवाह की अनुमति के लिए आवेदन किया था। जहां से हमें अनुमति मिलने के बाद ही विवाह सम्पन्न कराया गया।
प्रमोद राम ने बताया कि वर-वधू समेत दोनों पक्ष के चार-चार लोग विवाह में शामिल हुए यह विवाह बीती 5 मई को संपन्न हुआ। इसमें वधू पक्ष की ओर से वधू, उसके पिता, पंडित और भाई तथा वर पक्ष की ओर से वर, उनके पिताज, नाना तथा ठाकुर शामिल हुए शादी में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा गया। प्रमोद राम बताते हैं कि उन्हें इस बात की खुशी है कि कम से कम शादी वक्त पर हो गई, हां यह जरूर है कि जिस तरह से शादी करना चाहते थे वैसे नहीं कर पाए लेकिन मजबूरी क्या किया जा सकता था, मजबूरी थी। पलामू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के चिकित्सक डॉ राजीव की ड्यूटी विवाह में शामिल होने वाले लोगों की स्क्रीनिंग के लिए लगाई गई थी। डॉ राजीव ने ‘सेहत टाइम्स’ को बताया कि उनको जब इस तरह का आदेश मिला तो उन्होंने उसे सहर्ष स्वीकार करते हुए अपने दायित्व को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि थर्मल स्कैनर से सभी सदस्यों की जांच की गई तथा जांच ठीक पाए जाने पर ही विवाह की अनुमति दी गई। उन्होंने बताया विवाह के समय भी वर-वधु समेत सभी लोग मास्क लगाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे थे।