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लंग ट्रांसप्लांट यूनिट की स्थापना की दिशा में अग्रसर है केजीएमयू : प्रो सोनिया नित्यानंद

-एडवांस इंटरवेंशन पल्मोनोलॉजी सम्मेलन एआईपीकॉन 2026 में जुटे देश-विदेश के अनेक विशेषज्ञ

सेहत टाइम्स

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की कुलपति पद्मश्री प्रो सोनिया नित्यानंद ने कहा है कि केजीएमयू का पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग, उन्नत फेफड़ा प्रत्यारोपण (Lung Transplant) यूनिट की स्थापना की दिशा में अग्रसर है, जिससे गंभीर फेफड़ों के रोगियों को प्रदेश में ही विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा।

 

कुलपति ने यह बात एडवांस इंटरवेंशन पल्मोनोलॉजी सम्मेलन एआईपीकॉन 2026 के औपचारिक उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होते हुए कही। कुलपति ने सभा को संबोधित करते हुए केजीएमयू में उन्नत श्वसन देखभाल सेवाओं को मजबूत करने और चिकित्सा शिक्षा में अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया।

समारोह में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित और केजीएमयू के पूर्व कुलपति प्रो. रवि कांत तथा पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित और पीजीआई चंडीगढ़ के मानद प्रो. दिगंबर बेहरा विशिष्ट अतिथियों के रूप में उपस्थित थे। इनके अलावा AIPCON 2026 के वैज्ञानिक अध्यक्ष और एसजीपीजीआई, लखनऊ के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख प्रो. आलोक नाथ, हैदराबाद के प्रख्यात इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजिस्ट प्रो. सुभाकर कांडी और डॉ. आशुतोष सचदेवा (यूएसए), जो इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित विशेषज्ञ हैं, के साथ ही अन्य प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञान और अकादमिक उत्कृष्टता के प्रतीक दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ।
स्वागत भाषण पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित और AIPCON 2026 के आयोजन अध्यक्ष प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद ने दिया। पूर्व कुलपति प्रो. रवि कांत ने कहा कि चिकित्सा में सबस्पेशियलिटी सेवाएं विकसित होने से रोगी-केंद्रित और सटीक उपचार संभव हो सकेगा। प्रो. डॉ डी बेहरा ने कहा कि भारत में इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी ने पिछले दो दशकों में उल्लेखनीय प्रगति की है, और केजीएमयू का पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग इस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है ।

समारोह में तीन महत्वपूर्ण अकादमिक प्रकाशनों का विमोचन भी हुआ। इनमें एटलस ऑफ फाइबरऑप्टिक ब्रोंकोस्कोपी का द्वितीय संस्करण, मैलिग्नेंट प्लूरल इफ्यूजन और लंग ट्रांसप्लांटेशन: प्रिंसिपल्स, प्रैक्टिस एंड फ्यूचर डायरेक्शंस शामिल हैं।

समारोह का समापन AIPCON 2026 के आयोजन सचिव प्रोफेसर वेद प्रकाश द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
उन्होंने कहा कि हमारा विभाग इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी को उन्नत तकनीक और कौशल-आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। AIPCON 2026, KGMU के पल्मोनरी और क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग की इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी को आगे बढ़ाने, फेफड़ों के कैंसर के निदान को मजबूत करने, और का विस्तार करने और बहु-विषयक सहयोग को बढ़ावा देने की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित संकाय सदस्यों को आमंत्रित करके, लाइव प्रक्रियात्मक प्रदर्शन आयोजित करके और महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यों को प्रकाशित करके, AIPCON 2026 श्वसन चिकित्सा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक आयोजन के रूप में खड़ा है। उम्मीद है कि यह सम्मेलन देश भर में वायुमार्ग और फेफड़े की समस्या के लिए उल्लेखनीय सुधार करेगा, जिससे सुरक्षित, साक्ष्य-आधारित और तकनीकी रूप से उन्नत श्वसन देखभाल के माध्यम से रोगियों को लाभ होगा।

फेफड़ों के कैंसर में पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग की भूमिका

डॉ वेद प्रकाश ने कहा कि किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) का पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग फेफड़ों के कैंसर के निदान एवं उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विभाग उन्नत ब्रोंकोस्कोपी, EBUS-निर्देशित जांच एवं स्टेजिंग, इमेज-गाइडेड प्रक्रियाएँ तथा बहुविषयक ऑन्कोलॉजी देखभाल प्रदान करता है, जिससे शीघ्र एवं सटीक निदान संभव हो पाता है।