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पांच वर्षीय बच्‍चे की जीभ कटकर फंसी सांस की नली में

-दुर्घटना में बुरी तरह घायल बच्‍चे के निचले जबड़े में भी हुआ फ्रैक्‍चर

-एसजीपीजीआई के एपेक्‍स ट्रॉमा सेंटर में जटिल ऑपरेशन के बाद बच्‍चे को मिला नया जीवन

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई के एपेक्‍स ट्रॉमा सेंटर के चिकित्‍सकों ने एक पांच वर्षीय बच्‍चे की बेहद जटिल सर्जरी कर उसे नयी जिन्‍दगी दी है, इस सर्जरी में जहां सांस की नली में फंसी कटी जीभ को कुशलता पूर्वक निकालने में सफलता प्राप्‍त हुई है वहीं निचले जबड़े की टूटी हड्डी को भी जोड़ा गया है, सर्जरी के बाद बच्‍चा ठीक है और स्‍वास्‍थ्‍य लाभ ले रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार बीती 22 जून को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल बछरांवा निवासी 5 वर्षीय रूद्र सोनी को प्रातः 10 बजे उनके पिता द्वारा संजय गांधी पीजीआई के ट्रॉमा सेन्टर लाया गया। ओरल व मैक्सिलो फेशियल सर्जन डॉ. कुलदीप विश्वकर्मा ने बच्चे का निरीक्षण करने के बाद देखा कि बच्चे की जीभ हड्डी से अलग होकर सांस की नली में फंस गई थी व निचले जबड़े की हड्डी टूट गई थी। साथ ही बहुत अधिक मात्रा में रक्तस्राव हो रहा था। डॉ कुलदीप व उनकी टीम ने रक्तस्राव की रोकथाम कर सभी जरूरी जांचों के उपरान्त शीघ्रतम बच्चे को इमरजेन्सी ऑपरेशन थियेटर में ले गये। सर्जरी में ओरल व मैक्सिलो फेशियल सर्जरी विभाग से  डॉ अंजली चौधरी, डॉ सुरेन्द्र जामवाल व डॉ अनूप दीक्षित द्वारा पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया।

डॉक्‍टरों के अनुसार ऐसी गंभीर चोटों में निश्चेतना व सर्जरी दोनों ही जटिल होती हैं। चार घंटे की जटिल सर्जरी के बाद बालक की जीभ व जबड़े की हड्डी को जोड़ा गया। अपर एयर वे की चोट की वजह से ऐसे मरीजों को ऑपरेशन के बाद वेंटीलेटर पर रखा जाता है, क्‍योंकि‍ उन्हें गहन चिकित्सा की जरूरत होती है, जो एनेस्थीसिया टीम द्वारा प्रदान की जाती है।  एनेस्थीसिया की टीम मे डॉ वंश, डॉ सुरुचि, डॉ गनपत, डॉ अर्चना,  डॉ मेघना, डॉ अर्पिता, डॉ अजीत शामिल रहे।

डॉक्‍टरों ने बताया कि रोगी बालक दो दिन बाद वेंटिलेटर से बाहर आया और उसके तीन दिन बाद उसे वार्ड में शिफ्ट किया गया। बालक स्वस्थ व सकुशल है। बताया गया कि संपूर्ण  उपचार 24 घंटे मुफ्त इलाज की सेवा के अन्तर्गत किया गया है।

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