Monday , October 25 2021

फेफड़ों में पहुंच चुके प्रदूषण को अनुलोम-विलोम से कीजिये बाहर

आईएमए-सीजीपी लखनऊ चैप्टर की सीएमई का शुभारंभ

लखनऊ। इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन लखनऊ के अध्‍यक्ष डॉ सूर्य कान्त ने सलाह दी है कि लगभग 50 प्रतिशत लोगों में सीओपीडी के लिए स्मोकिंग जिम्मेदार नहीं होती है, ग्रामीण घरों मे उपयोग होने वाला ईंधन, आजकल बढ़ता हुआ प्रदूषण इसके प्रमुख कारण हैं। उन्होने लोगों से कहा आप जब भी धूल-धुआं से बहुत ज्यादा एक्सपोज होते हैं, तब आप सब लोग अनुलोम-विलोम प्राणायाम, नेबुलाईजेशन आदि के द्वारा अपने फेफड़ो की सफाई करें। अपोलोमेंडिक्स हॉस्पिटल,लखनऊ से आए हुये डा ए॰ के॰ सिंह ने “मैनेजमेंट ऑफ सीओपीडी” पर अपना व्याख्यान दिया।

 

डॉ सिंह ने सीओपीडी के बारे मे विस्तार से चर्चा की। उन्होने पुराने समय में होने वाले उपचार और आज के  समय मे होने वाले उपचार का तुलनात्मक अध्ययन बताया ।

 

डॉ अजय और डॉ जेडी रावत ने बताया कि आज इंडियन मेडिकल एसोशिएशन भवन में आईएमए-सीजीपी लखनऊ चैप्टर की सीएमई का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर आईएमए के प्रेसीडेंट डॉ सूर्य कान्त, आईएमए-सीजीपी लखनऊ चैप्टर की निदेशक डॉ रुख़साना खान,आईएमए-सीजीपी लखनऊ चैप्टर के सेक्रेटरी डॉ अजय कुमार वर्मा, आईएमए लखनऊ के सेक्रेटरी- डॉ जे॰ डी॰ रावत जी मौजूद थे। डॉ सूर्य कान्त ने सबको संबोधित किया और आईएमए लखनऊ  की उपलब्धियां बतायीं और आईएमए-सीजीपी लखनऊ चैप्टर को आगे ले जाने के प्रति अपनी इच्छा व्यक्त की। उन्होने आए हुये चिकित्सकों से इससे जुडने के लिए कहा।

 

‘अप्प्रोच टू पाईरेकसिया”  पर  केजीएमयू से डॉ के॰ के॰ गुप्ता  ने अपना व्याख्यान दिया। डॉ गुप्ता ने विभिन्न प्रकार के बुखार, उनके कारक और उपचार के बारे मे बताया।  डॉ अजय कुमार वर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया एवं सबको धन्यवाद ज्ञापन किया। इस कार्यक्रम में डॉ राम मनोहर लोहिया चिकित्सा संस्थान से डॉ हेमंत कुमार, डॉ राकेश सिंह तथा अनेक चिकित्सक उपस्थित रहे।