Saturday , June 25 2022

महिलाओं के लिए कोविड टीकों का पृथक आवंटन चाहते हैं डॉ सुंद्रियाल

-सिविल हॉस्पिटल में बने पिंक बूथ पर लगती है सिर्फ महिलाओं को वैक्‍सीन

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। बीती 1 मई से पृथक बूथ बनाकर महिलाओं को कोविड टीकाकरण की सुविधा देने वाले डॉ श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्‍पताल के निदेशक डॉ एससी सुंद्रियाल टीकाकरण में महिलाओं के लिए पृथक डोजेज का आवंटन कर उनके लिए पृथक स्‍लॉट निर्धारित कराने की सोच रहे हैं, उनका कहना है कि इस स्‍लॉट में रजिस्‍टर्ड महिलाओं को सिविल अस्‍पताल में हम पिंक बूथ पर वैक्‍सीनेटेड कर देंगे।

डॉ एससी सुंद्रियाल

‘सेहत टाइम्‍स’ से विशेष वार्ता में यह विचार अस्‍पताल के निदेशक डॉ सुंद्रियाल ने साझा करते हुए बताया कि भीड़भाड़ से अलग महिला कर्मियों के बीच महिलाएं टीकाकरण व्‍यवस्‍था से बहुत संतुष्‍ट हैं, ऐसा उनके फीड बैक से पता चलता है। पिंक बूथ बनाने के पीछे की सोच क्‍या थी, इस प्रश्‍न के उत्‍तर में उन्‍होंने बताया कि आपको याद होगा कि अप्रैल के अंतिम सप्‍ताह में जब कोविड की दूसरी लहर अपने पीक पर थी, उस समय चारों तरफ बहुत ही अफरा-तफरी का माहौल था, कोविड और नॉन कोविड के मरीजों की श्रेणी का निर्धारण रिपोर्ट के बाद होता था, चूंकि हमारा सिविल हॉस्पिटल नॉन कोविड हॉस्पिटल था, इसलिए हमारे अस्‍पलात पर मरीजों का काफी लोड था, उसी दौरान टीकाकरण के लिए आने वाले लोग भी हमारे यहां आ रहे थे, ऐसे में हमने पोस्‍ट कोविड की परेशानी वाले मरीजों के लिए जहां पृथक वार्ड बनाया वहीं टीकाकरण के लिए आने वाले लोगों की भीड़ में परेशान हाल महिलाओं की परेशानियों को कम करने के लिए पिंक बूथ बनाने का विचार आया।

डॉ सुंद्रियाल कहते हैं कि इसके बाद 1 मई से हमने पिंक बूथ को प्रारम्‍भ कर दिया। इस बूथ पर अब तक चार हजार से ज्‍यादा महिलाओं ने टीकाकरण कराया है। उन्‍होंने बताया कि धीरे-धीरे पिंक बूथ लोगों को इतना भाया कि यहां पर एनाउंसमेंट के लिए पूरा माइक सिस्‍टम तथा एक सेल्‍फी प्‍वाइंट लामार्ट कॉलेज की छात्राओं द्वारा आपस में कलेक्‍शन करके अस्‍पताल को भेंट किया है। उन्‍होंने बताया कि इसके अतिरिक्‍त एक और सेल्‍फी प्‍वाइंट हमने अस्‍पताल की ओर से लगाया है, जिसकी थीम लखनऊ की ऐतिहासिक विरासत बड़े इमामबाड़े पर आधारित है।

 डॉ सुं‍द्रियाल बताते हैं कि इस पिंक बूथ में सभी स्‍टाफ यहां तक कि पुलिस भी महिला कॉन्‍स्‍टेबिल हैं, इस बूथ पर आने वाली महिलाएं अपने को पूरी तरह सहज महसूस करें, इस‍के लिए कुछ नियमों का कड़ाई से पालन किया जाता है, जैसे कि यदि महिला के साथ पिता, भाई, कहने का अर्थ है कोई भी पुरुष आया है, तो उसे भी पिंक बूथ के अंदर जाने की इजाजत नहीं है। अब एक और व्‍यवस्‍था सोमवार से करने का विचार है जिसमें अस्‍पताल पहुंचने पर बने पृथक काउंटर पर टीकाकरण के लिए दिये जाने वाले टोकन भी पिंक कलर के होंगे। डॉ सुंद्रियाल ने बताया कि महिलाओं के लिए पृथक स्‍लॉट के आवंटन के लिए शीघ्र ही अनुरोध पत्र भेजेंगे।