Wednesday , January 26 2022

आईएएस-आईपीएस से ज्‍यादा कठिन है चिकित्‍सक बनना

चिकित्‍सकों की जमकर तारीफ की राज्‍यमंत्री डॉ महेन्‍द्र सिंह ने

डॉक्‍टर्स डे पर आईएमए ने किया चिकित्‍सकों को सम्‍मानित

लखनऊ। चिकित्‍सक का पेशा अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण है, एक चिकित्‍सक बनना आईएएस-आईपीएस बनने के ज्‍यादा कठिन है। क्‍योंकि आईएएस-आईपीएस की तैयारी में एक साल लगता है जबकि विशेषज्ञ चिकित्‍सक बनने में करीब 15 साल पढ़ाई करनी पड़ती है, इसलिए चिकित्‍सक सबसे ज्‍यादा आदरणीय है। हम सभी को उनका सम्‍मान करना चाहिये, आज मैं आप चिकित्‍सकों को सम्‍मानित करके अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।

यह विचार ग्राम्‍य विकास एवं चिकित्‍सा स्‍वास्‍थ्‍य राज्‍य मंत्री डॉ महेन्‍द्र सिंह ने यहां आईएमए भवन में डॉक्‍टर्स डे पर आयोजित समारोह में चिकित्‍सकों को सम्‍मानित करने के बाद अपने सम्‍बोधन में व्‍यक्‍त किये। उन्‍होंने कहा कि चाहे कोई भी कितना भी बड़ा व्‍यक्ति हो, उसे एक न एक दिन चिकित्‍सक के पास जरूर आना पड़ता है, यहां तक कि मृत्‍यु होने पर भी मृत्‍यु होने की पुष्टि भी चिकित्‍सक ही करता है, इसलिए जो लोग चिकित्‍सक की इज्‍जत नहीं करते हैं, उनका काम भी बिना चिकित्‍सक के नहीं चलता है, उन्‍हें भी आना चिकित्‍सक के पास ही पड़ता है।

उन्‍होंने डॉक्‍टरों को सम्‍बोधित करते हुए कहा कि डॉक्‍टर्स डे की  इस वर्ष की थीम “Zero tolerance to violence against doctors and clinical establishment” है। मैं मानता हूं, लेकिन आपका जो सेवाभाव का स्वभाव है, दयाभाव है, इसे कैसे छोड़ सकेंगे। आपको तो ईश्‍वर ने धरती पर भेजा ही इस पुनीत कार्य के लिए है। उन्‍होंने रामचरितमानस की चौपाइयों के उदाहरण देते हुए आह्वान किया कि अपने कर्म के अनुसार लोगों को दंड मिलता है, इसलिए जो लोग आपके साथ गलत करते हैं, उन्‍हें उनके कर्मों के हिसाब से दंड मिलेगा।

डॉ महेंद्र सिंह ने कहा लोग कहते हैं मनुष्य खाली हाथ आता है तथा खाली हाथ जाता है लेकिन मेरा कहना है कि ऐसा नहीं है मनुष्य भाग्य लेकर आता है तथा अपने कर्म लेकर जाता है उन्होंने कहा कि जिन डॉक्टर बीसी राय के जन्म एवं मृत्यु दिवस पर हम सब यहां इकट्ठे हुए हैं उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए जब उनका जन्म 1 जुलाई 1882 को हुआ था उस समय अंग्रेजों का शासन था ऐसे में उन्होंने किन कष्टों को सहकर एक चिकित्सक की भूमिका निभाते हुए स्वतंत्रता संग्राम के लिए लड़ाई भी लड़ी। उन्होंने विधायक का चुनाव जीता, स्वतंत्रता सेनानी की भूमिका को बखूबी निभाया साथ ही साथ चिकित्सक का धर्म भी निभाते रहे। उन्होंने चिकित्सकों से अपील की कि भगवान ने आपको जिस काम के लिए पृथ्वी पर भेजा है अपना वह कर्म जरूर करते रहिए। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित केजीएमयू के कुलपति प्रोफेसर एमएलबी भट्ट अपने संबोधन में कहा कि हाल में हुई चिकित्सक पर हमलों की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं आज चिकित्‍सा व्यवस्था संकट में है, इसलिए हम चिकित्सकों की यह जिम्मेदारी बन जाती है कि हम इस संकट का समाधान करें और यह तो सोचें कि हमारी जो दूसरों से अपेक्षा है वह पूरी हो रही है या नहीं, लेकिन साथ ही साथ यह भी अवश्य सोचें कि हमारी खुद से क्या अपेक्षा है और जो अपेक्षा है क्या वह पूरी हो रही है?

उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को एक मूल मंत्र अपने जीवन में उतार लेना चाहिए कि जब वे मरीज का इलाज करें तो यह सोच लें कि अगर मैं इसकी जगह होता तो मेरे मन में क्या क्या सवाल उठ रहे होते, उन्होंने कहा कि मेरा यह मानना है कि चिकित्सक अगर ऐसा विचार करेंगे तो काफी हद तक संकट समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा 90 अच्छे काम हो रहे होते हैं, उसका कोई चर्चा नहीं होती लेकिन अगर एक गलत काम हो गया तो वह अखबारों की सुर्खियां बन जाता है।

 

डॉक्‍टर्स डे पर यूपी आईएमए अध्यक्ष डॉ एएम खान ने क्‍या कहा देखें वीडियो

इस मौके पर आईएमए यूपी के अध्यक्ष डॉ एएम खान ने कहा कि मैंने 1965 में जब डॉक्टरी शुरू की थी तब चिकित्सकों की बहुत इज्जत होती थी लेकिन अब माहौल बदल गया है उन्‍होंने राज्य मंत्री डॉक्टर महेंद्र सिंह से अपील की कि हम लोगों को इतना सपोर्ट दें कि हम लोग अपने-अपने अस्पताल चला सके हम लोग अस्पताल चलाना चाहते हैं लेकिन पिछले दिनों जो हम पर हिंसा हुई है वह 1 दिन की बात नहीं है अक्सर ऐसा होता आया है इसलिए अब यह जरूरी है चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए सरकार कदम उठाये ताकि हम लोग मरीजों की सेवा कर सकें।

 

कार्यक्रम के आरंभ में आईएमए लखनऊ के अध्यक्ष डॉ जीपी सिंह ने आए हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए का कहा कि आज समाज में संवेदनहीनता बढ़ गई है लेकिन चिकित्सकों को अपने पथ पर चलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार चिकित्सकों को सुरक्षा प्रदान उन्होंने समाज से भी अपील की कि वह चिकित्सक की मजबूरी समझे। उन्होंने कहा कि यदि गंभीर स्थिति में रोगी आता है तो डॉक्टर उसे बचाने का पूरा प्रयास करता है लेकिन यदि वह प्रयास में असफल हो जाए तो लोगों को उस पर हमला नहीं करना चाहिए, अन्‍यथा चिकित्सक गंभीर मरीज को कैसे देख सकेगा। उन्होंने आईएमए भवन के सामने नगर निगम द्वारा बनाए गए वेंडिंग जोन को हटाने की मांग राज्‍य मंत्री से की इस पर राज्‍य मंत्री ने आश्वासन दिया कि वे नगर आयुक्त से बात करके नो वेंडिंग जोन बनवाने का प्रयास करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्‍ज्‍वलन से किए जाने के बाद राज्‍य मंत्री द्वारा चिकित्सकों को अंग वस्त्र सर्टिफिकेट और पुष्प देकर सम्मानित किया गया। समारोह में धन्यवाद भाषण आईएमए लखनऊ के सचिव डॉ जेडी रावत ने दिया।

इन चिकित्‍सकों को किया गया सम्‍मानित

विशिष्‍ट कार्य करने वाले जिन डॉक्टरों को आज सम्मानित किया गया उनमें केजीएमयू के कुलपति प्रोफेसर एमएलबी भट्ट,  केजीएमयू डेंटल फैकल्‍टी के  डॉ शादाब मोहम्मद,  डॉ राकेश कपूर,  डॉ दीपक अग्रवाल, डॉ सुदर्शन याग्निक, डॉ अब्बास अली मेहदी, डॉ चंद्रावती, डॉ सरोज  श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ नरेंद्र अग्रवाल, डॉ संतोष साहनी, डॉ एसपीएस गौड़, डॉ ए के सिंह, डॉ आरके गर्ग, डॉ मंजू शुक्ला, डॉ इंदु वाखलू, डॉ एच पी गुप्ता, डॉ मंजू टंडन, डॉ इंदु टंडन, डॉ उमा सिंह, डॉ श्रद्धा सिंह, डॉ पीके गुप्ता, डॉ सूर्यकांत, डॉ उर्मिला सिंह, डॉ निधि निरंजन, डॉ शशि राय, डॉ राका प्रसाद, डॉ प्रमोद अग्रवाल, डॉ वैभव खन्‍ना, डॉ अरुण कुमार सिंह, डॉ विश्‍वजीत सिंह, डॉ अरुण शर्मा, डॉ संदीप साहू, डॉ रामकरन, डॉ एस मुंशी, डॉ मनीष सिंह, डॉ जावेद अहमद खान, डॉ संतोष कुमार श्रीवास्तव,  डॉ मनोज श्रीवास्तव, डॉ तूलिका चन्‍द्रा,  डॉ रवि भास्कर और डॉ प्रांजल अग्रवाल शामिल हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ विनीता मित्‍तल ने किया।