-लखनऊ के क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अनुसंधान संस्थान में 23 से 25 अक्टूबर तक हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम

सेहत टाइम्स
लखनऊ। राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ (आर.ए.वी.), नई दिल्ली के तत्वावधान में सी.सी.आर.ए.एस.-क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, लखनऊ में 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक “अनुसंधान पद्धति, वैज्ञानिक लेखन एवं करियर के अवसर” विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को अनुसंधान पद्धति, वैज्ञानिक लेखन, नैदानिक अनुसंधान तथा आयुर्वेद में औषधि अनुसंधान से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्रदान करना था।
यह जानकारी देते हुए प्रभारी सहायक निदेशक डॉ. संजय कुमार सिंह ने बताया कि इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को अनुसंधान पद्धति, वैज्ञानिक लेखन, नैदानिक अनुसंधान तथा आयुर्वेदिक औषधियों के अनुसंधान एवं गुणवत्ता मानकीकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त हुईं। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आयुष प्रोफेसनल जैसे चिकित्सीय अधिकारी, प्रोफेसर आयुर्वेद संकाय, पी.जी. अध्यता एवं आयुर्वेद स्नातक के विद्यार्थी द्वारा भाग लिया गया।
23 अक्टूबर को कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के प्रभारी सहायक निदेशक डॉ. संजय कुमार सिंह के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए अनुसंधान पद्धति, वैज्ञानिक लेखन तथा करियर के अवसरों के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रथम दिवस के प्रथम सत्र में डॉ. श्रीकला वी., अनुसंधान अधिकारी (आयुर्वेद) ने “आयुर्वेद में औषधि की खोज एवं गुणवत्ता का मानकीकरण: सुरक्षा, प्रभावकारिता और विश्लेषणात्मक प्रोटोकॉल पर एक प्राक्-नैदानिक दृष्टिकोण” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने आयुर्वेदिक औषधियों की खोज, गुणवत्ता के मानकीकरण तथा उनकी सुरक्षा एवं प्रभावकारिता के मूल्यांकन से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी प्रदान की। द्वितीय सत्र में डॉ. सुरेन्द्र कुमार, अनुसंधान अधिकारी (आयुर्वेद) ने “नैदानिक अनुसंधान” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने नैदानिक अनुसंधान की प्रक्रिया एवं इसके विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला।
24 अक्टूबर को द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र में प्रोफेसर (डॉ.) गालिब आर., अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (ए.आई.आई.ए.), नई दिल्ली ने “वैज्ञानिक लेखन” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने वैज्ञानिक लेखन की प्रमुख विशेषताओं, शोध निष्कर्षों की प्रभावी प्रस्तुति तथा वैज्ञानिक प्रकाशन से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। द्वितीय सत्र में डॉ. संजीव रस्तोगी, प्रोफेसर, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ ने “प्रकरण विवरण लेखन — एक संपादक के दृष्टिकोण से” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने प्रकरण विवरण (केस रिपोर्ट) के लेखन, उसकी संरचना तथा संपादकीय दृष्टिकोण से संबंधित आवश्यक पहलुओं की जानकारी दी।
25 अक्टूबर को तृतीय दिवस पर प्रोफेसर (डॉ.) गालिब आर., ए.आई.आई.ए., नई दिल्ली ने वैज्ञानिक लेखन विषय पर व्याख्यान दिया। इस सत्र में वैज्ञानिक लेखन से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनीषा रानी एवं डॉ. किशन गुप्ता, आर.ए.वी. कोऑर्डिनेटर, नई दिल्ली द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समन्वयन संस्थान की ओर से डॉ. श्रीकला वी., आर.ए.वी. प्रशिक्षण नोडल अधिकारी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के समापन समारोह में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किये गये। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इस कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन प्रभारी सहायक निदेशक डॉ. संजय कुमार सिंह द्वारा दिया गया।

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