-एनएमओ ने की पुलिसिया रवैये की निंदा, उप मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर किया जायज मांगों को पूरा करने का अनुरोध

सेहत टाइम्स
लखनऊ। नेशनल मेडिको ऑर्गेनाइजेशन ने बॉन्डेड डॉक्टरों को समान वेतन की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे बॉन्डेड डॉक्टरों के साथ पुलिस प्रशासन द्वारा की गई धक्का-मुक्की और कुछ डॉक्टरों को पुलिस वाहन में ले जाए जाने की घटना की निंदा करते हुए उप मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। आंदोलनकारी चिकित्सक काफी समय से लंबित पड़े सरकारी आदेश को जल्द से जल्द जारी करने की मांग कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी अब तक शासनादेश जारी नहीं किया गया है।
नेशनल मेडिको ऑर्गेनाइजेश अवध प्रांत के अध्यक्ष प्रो संदीप तिवारी और सचिव डॉ शिवम मिश्रा द्वारा लिखे गये पत्र में कहा गया है कि डॉक्टरों द्वारा अपनी जायज मांगों के लिए किए जा रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस का यह रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। पत्र में उप मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया है कि भविष्य में अपनी मांग रख रहे डॉक्टरों के साथ ऐसी कोई अप्रिय स्थिति न बने और उनके साथ सम्मानजनक व संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। एनएमओ ने उम्मीद जताई है कि उप मुख्यमंत्री इस मामले का जल्द संज्ञान लेंगे, डॉक्टरों की समस्याओं का सकारात्मक समाधान करेंगे और न्याय सुनिश्चित करेंगे ताकि वे पूरी लगन से अपनी सेवाएं दे सकें।
वित्त मंत्री के आवास पर की गयी धक्का-मुक्की
आंदोलनकारी डॉक्टरों का कहना है कि डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को लेकर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के आवास पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन और ज्ञापन देने पहुंचा था, जहां उनके साथ पुलिस प्रशासन द्वारा धक्का-मुक्की की गई और कई साथियों को हिरासत में ले लिया गया। ज्ञात हो उत्तर प्रदेश के CHC-PHC पर तैनात बंधित चिकित्सक समान वेतन और लंबे समय से लंबित शासनादेश (Government Order) को जारी करने की मांग को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
बताया गया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा डॉक्टरों के साथ हाथापाई की गई और उनके कई साथियों को जबरन पुलिस वैन में बैठाकर ले जाया गया। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें 2 सितंबर को आश्वासन दिया गया था और 3 सितंबर को शासनादेश जारी करने का वादा किया गया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके विरोध में 18 सितंबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी है। इन चिकित्सकों को कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए इस लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और दृढ़तापूर्वक संघर्ष को जारी रखेंगे।
मुख्य मांगें
-वेतन विसंगति का समाधान: सभी डॉक्टरों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन लागू किया जाए।
-लंबित शासनादेश जारी होना: 2 सितंबर को सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुसार लंबे समय से रुके हुए शासनादेश को तुरंत जारी किया जाए।
-साथियों की रिहाई: हिरासत में लिए गए सभी साथी डॉक्टरों को सुरक्षित और जल्द से जल्द रिहा किया जाए।

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