-माहवारी और एचपीवी वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता पर अभी और काम किये जाने की जरूरत
-केजीएमयू में हुई “किशोरियों में डिजिटल मीडिया के उपयोग एवं HPV वैक्सीनेशन जागरूकता” विषय पर स्टडी

सेहत टाइम्स
लखनऊ। किशोरियों में माहवारी स्वास्थ्य, डिजिटल जागरूकता एवं HPV वैक्सीनेशन को लेकर एक महत्वपूर्ण अध्ययन सामने आया है। क्वीन मेरी अस्पताल के Centre of Excellence for Adolescent Health & Development द्वारा किए गए इस अध्ययन में यह तथ्य उजागर हुआ कि डिजिटल मीडिया किशोरियों के बीच स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का प्रमुख माध्यम बन चुका है, हालांकि माहवारी संबंधी स्वास्थ्य एवं HPV वैक्सीनेशन संबंधी जागरूकता के क्षेत्र में अभी भी व्यापक कार्य किए जाने की आवश्यकता है।
माहवारी स्वच्छता दिवस (28 मई) के मौके पर यह जानकारी देते हुए प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग प्रो सुजाता देव ने बताया कि “किशोरियों में डिजिटल मीडिया के उपयोग एवं HPV वैक्सीनेशन जागरूकता” विषय पर हुआ यह अध्ययन प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अंजू अग्रवाल के संरक्षण में तथा वरिष्ठ चिकित्सक प्रो. सुजाता देव एवं काउंसलर सौम्या सिंह द्वारा किया गया।
अध्ययन के निष्कर्ष
डिजिटल मीडिया की बढ़ती पहुँच
• 98.69% प्रतिभागियों के पास स्मार्टफोन उपलब्ध था।
• 97.38% प्रतिभागी नियमित रूप से इंटरनेट का उपयोग कर रही थीं।
माहवारी संबंधी स्वास्थ्य जागरूकता
• 58.82% प्रतिभागियों को पहली माहवारी से पहले जानकारी थी।
• 41.17% किशोरियों को माहवारी से पूर्व जानकारी नहीं थी।
स्वास्थ्य जानकारी के डिजिटल स्रोत
• 60.13% प्रतिभागियों ने YouTube का उपयोग किया।
• 30.06% प्रतिभागियों ने Google का उपयोग किया।
• 66.66% प्रतिभागी ऑनलाइन स्वास्थ्य सामग्री पर विश्वास करती हैं।
ऑनलाइन सबसे अधिक खोजे जाने वाले विषय
• माहवरी स्वास्थ्य सम्बधी — 26.79%
• STI एवं स्वच्छता — 21.33%
• पीरियड दर्द — 17.64%
डिजिटल मीडिया का स्वास्थ्य जागरूकता पर प्रभाव
• 78.43% प्रतिभागियों ने माना कि डिजिटल मीडिया से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी में सुधार हुआ।
माहवारी प्रबंधन
• 53.59% प्रतिभागियों ने ऑनलाइन माध्यम से मासिक धर्म उत्पाद खरीदे।
• मेंस्ट्रुअल पैड सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला उत्पाद रहा।
• 37.25% प्रतिभागियों ने पीरियड ट्रैकिंग एप्लिकेशन का उपयोग किया।
• 52.28% प्रतिभागियों ने स्वास्थ्य शिक्षा हेतु वेबसाइट एवं मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग किया।
HPV वैक्सीनेशन जागरूकता
• 50.32% प्रतिभागियों को HPV वैक्सीन के बारे में जानकारी थी।
• केवल 12.41% प्रतिभागियों ने HPV वैक्सीन लगवाई थी।
• 1.30% प्रतिभागियों को दोनों डोज़ पूरी होने की जानकारी थी।
• 11.11% प्रतिभागियों को डोज़ की संख्या की जानकारी नहीं थी।
डॉक्टर परामर्श की विश्वसनीयता
• 73.20% प्रतिभागियों ने Direct Doctor Consultation को सबसे प्रभावी उपाय माना।
वैज्ञानिक, प्रमाणित एवं सरल भाषा में जानकारी की जरूरत
प्रो. सुजाता देव के अनुसार “यदि किशोरियों को वैज्ञानिक, प्रमाणित एवं सरल भाषा में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए, तो मासिक धर्म स्वास्थ्य, प्रजनन स्वास्थ्य एवं HPV वैक्सीनेशन संबंधी जागरूकता को प्रभावी रूप से बढ़ाया जा सकता है।“
नियमित जागरूकता कार्यक्रमों की जरूरत
प्रो सुजाता ने बताया कि अध्ययन दल ने सुझाव दिया कि विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सामुदायिक स्तर पर किशोर स्वास्थ्य, मासिक धर्म स्वच्छता एवं HPV वैक्सीनेशन संबंधी नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। साथ ही डिजिटल हेल्थ एजुकेशन एवं विशेषज्ञ परामर्श को बढ़ावा देकर किशोरियों तक सही एवं वैज्ञानिक स्वास्थ्य जानकारी पहुँचाना आवश्यक है।
अध्ययन की रूपरेखा एवं प्रतिभागियों का विवरण
अध्ययन में 21 से 25 वर्ष आयु वर्ग की 153 किशोरियों एवं स्नातक स्तर की छात्राओं को शामिल किया गया। इनमें 56.20 प्रतिशत प्रतिभागी ग्रामीण क्षेत्रों से तथा 43.79 प्रतिशत प्रतिभागी शहरी क्षेत्रों से थीं।

Sehat Times | सेहत टाइम्स Health news and updates | Sehat Times