-2047 तक विकसित भारत-विकसित यूपी को लेकर तीन माह पूर्व गोरखपुर घोषणा के कोर ग्रुप की पहली बैठक सम्पन्न

सेहत टाइम्स
लखनऊ। कैंसरग्रस्त मरीजों के लिए डे केयर की सुविधा महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इससे जहां मरीज की चिकित्सीय देखभाल विशेषज्ञों द्वारा की जा सकेगी, साथ ही शाम को वापस अपने घर परिवार के बीच मरीज के पहुंचने से उसे घर पर रहने की फीलिंग से जो आत्मीयता प्राप्त होगी, वह उसकी मन:स्थिति को बेहतर रखने में मददगार होगी।
ये विचार कैसर विशेषज्ञ प्रो० डा० संदीप कुमार (पूर्व निदेशक एम्स भोपाल) ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए प्रकट किये। प्रोफेसर संदीप कुमार ने कहा कि उन्होंने सभी जिलों में डे केयर सेंटर खोलने का सुझाव दिया है। प्रो संदीप कुमार और प्रो० डा० अनुराग श्रीवास्तव (पू० विभागध्यक्ष सर्जरी, एम्स नई दिल्ली) ने विकसित उ०प्र० @2047 के संदर्भ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर तीन माह पूर्व हुए Gorakhpur Declaration के कोर ग्रुप की आज लखनऊ में हुई पहली बैठक के बारे में जानकारी देने के लिए यहां एक होटल में पत्रकार वार्ता बुलायी थी।
उन्होंने बताया कि स्वस्थ भारत और स्वस्थ उ० प्र० की दिशा में जन-स्वास्थ्य को लेकर गतवर्ष 30 दिसम्बर, 2025 को उ० प्र० और देश के प्रमुख चिकित्सा विशेषज्ञों ने Gorakhpur Declaration जारी किया था जिसमे सन 2047 तक स्वस्थ उ० प्र० की राह मे सबसे बड़ी बाधा और चुनौती कैंसर को माना गया था। ज्ञात हो भारत में प्रतिवर्ष कैंसर के 14 लाख नये केस सामने आते हैं, जबकि कैंसर से मृत्यु होने वालों की संख्या प्रतिवर्ष 9 लाख है।
प्रो० डा० संदीप कुमार और प्रो० डा० अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि बैठक में मुख्य रूप से छह बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। डॉ संदीप कुमार ने कहा कि पहले बिंदु में कैंसर जागरूकता, शिक्षा और टीकाकरण पर जोर देते हुए कहा गया कि समुदाय और स्कूलों में उम्र के अनुसार कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाएं। इसके लिए ASHA, ANM, CHO, शिक्षक और समुदाय के नेताओं की मदद लें। साथ ही कैंसर से बचाव वाले टीकों के बारे में जानकारी और उनका उपयोग बढ़ाएं, ताकि बीमारी का जल्दी पता चले और समय पर इलाज मिल सके।
दूसरे बिंदु में मानकीकृत स्क्रीनिंग सेवाओं पर फोकस करते हुए कहा गया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर और अन्य सरकारी व निजी स्वास्थ्य केंद्रों पर सामान्य कैंसर की जांच (स्क्रीनिंग) की अच्छी और गुणवत्ता वाली सेवाओं को मजबूत और बढ़ावा दें, जो राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों के अनुसार हों।
डॉ अनुराग ने कहा कि तीसरे बिंदु मेे बेहतर जांच और रेफरल प्रणाली पर जोर देते हुए सुझाव दिया गया कि
सब-डिस्ट्रिक्ट स्तर पर जांच की सुविधाओं को मजबूत करें और यह सुनिश्चित करें कि मरीज को समय पर सही जगह रेफर किया जाए और उसका फॉलो-अप हो, ताकि कोई भी व्यक्ति स्क्रीनिंग, जांच और इलाज के बीच में छूट न जाए।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार चौथे बिंदु में जिला कैंसर देखभाल केंद्र (DCCC) के गठन का सुझाव देते हुए कहा गया कि जिले में कैंसर देखभाल केंद्र विकसित करने में मदद करें, जहां स्क्रीनिंग, जांच, इलाज की योजना और फॉलो-अप सभी सेवाएं एक ही सिस्टम में मिल सकें।
पांचवें बिंदु में कैंसर की निगरानी और रजिस्ट्रेशन पर जोर देते हुए कहा गया है कि जिलों में कैंसर रजिस्ट्रेशन सिस्टम को मजबूत करें ताकि स्क्रीनिंग, जांच, इलाज और परिणामों का सही रिकॉर्ड रखा जा सके। इससे बेहतर योजना बनाने और मरीजों का समय पर फॉलो-अप करने में मदद मिलेगी।
छठे बिंदु में सुझाव दिया गया कि ऐसे मरीज के परिवारों की आर्थिक सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिये। इसके लिए
सरकारी स्वास्थ्य बीमा और अन्य आर्थिक सहायता योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाएं और उनका सही उपयोग सुनिश्चित करें, ताकि लोगों का इलाज में होने वाला खर्च कम हो सके। पत्रकार वार्ता के दौरान डॉ अनुराग श्रीवास्तव ने स्लाइड्स के माध्यम से कैंसर रोग के बारे में अनेक जानकारियां दीं।

Sehat Times | सेहत टाइम्स Health news and updates | Sehat Times