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विभिन्न संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों पर नियंत्रण के लिए कार्यबल विकसित करेगा एसजीपीजीआई

-राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान अकादमी के साथ मिलकर यूपी के 85 से अधिक मेडिकल कॉलेजों में स्पोक एंड हब मॉडल पर करेगा कार्य

-एसजीपीजीआई में राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान अकादमी सेल का उद्घाटन, प्रो संदीप साहू बनाये गये नोडल ऑफीसर

-आयोजित सीएमई में पद्मश्री प्रो राजेन्द्र प्रसाद ने व्याख्यान में की छाती के एक्स-रे की नैदानिक ​​व्याख्या

सेहत टाइम्स

लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान अकादमी (एनएएमएस इंडिया) के साथ मिलकर भारत स्तर पर विभिन्न संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों के बोझ को नियंत्रित करने और कम करने के लिए विभिन्न कार्यबल विकसित करेगा। एसजीपीजीआई की राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान अकादमी सेल का उद्घाटन 7 मार्च को हुआ। ज्ञात हो राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान अकादमी एक अद्वितीय संस्था है, जो चिकित्सा और सामाजिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अकादमिक उत्कृष्टता को अपने संसाधन के रूप में उपयोग करती है।

संस्थान में राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान अकादमी सेल का उद्घाटन के मौके पर एक सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) का भी आयोजन किया गया। छाती के एक्स-रे की नैदानिक ​​व्याख्या पर उद्घाटन व्याख्यान पद्मश्री प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद, अध्यक्ष, एनएएमएस उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा दिया गया। इस मौके पर एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो आरके धीमन ने बताया कि एसजीपीजीआई का जनादेश, रोगी देखभाल, शिक्षण और अनुसंधान, एनएएमएस इंडिया की मूल अवधारणा से काफी मिलता-जुलता है। उन्होंने बताया कि प्रोफेसर संदीप साहू और उनकी टीम के नेतृत्व में यह सेल उत्तर प्रदेश के 85 से अधिक मेडिकल कॉलेजों में स्पोक और हब मॉडल पर शिक्षण, प्रशिक्षण और अनुसंधान सहित फैकल्टी और मेडिकल छात्रों के नेतृत्व विकसित करने के लिए काम करेगा।

उद्घाटन के मौके पर पद्मश्री प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद, अध्यक्ष, एनएएमएस, उत्तर प्रदेश राज्य एवं एसजीपीजीआईएमएस के निदेशक और एनएएमएस सेल के संरक्षक पद्मश्री प्रोफेसर आर.के. धीमन, संस्थान के डीन प्रोफेसर शालीन कुमार, एनेस्थीसियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर संजय धीराज, कार्यकारी रजिस्ट्रार कर्नल वरुण बाजपेयी, एसजीपीजीआईएमएस के एनएएमएस सेल के नोडल अधिकारी प्रोफेसर संदीप साहू और एनएएमएस सेल की सदस्य डॉ. दिव्या श्रीवास्तव और डॉ. सुरेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे।