-केएसएसएससीआई में आयोजित कॉन्फ्रेंस में सरफेस गाइडेड रेडिएशन थेरेपी पर चर्चा

सेहत टाइम्स
लखनऊ। कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड हॉस्पिटल (KSSSCI) ने 28 फरवरी को एक खास इवेंट, “SGRT इंडिया : भारत में रेडिएशन थेरेपी को आगे बढ़ाना” होस्ट किया। SGRT कम्युनिटी के साथ मिलकर ऑर्गनाइज़ की गई इस मीटिंग में जाने-माने ऑन्कोलॉजिस्ट, मेडिकल फिजिसिस्ट और रिसर्चर एक साथ आए और सटीक कैंसर ट्रीटमेंट के भविष्य पर चर्चा की।
यह जानकारी देते हुए संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ वरुण विजय ने बताया कि इस मौके पर, इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर प्रो. एम.एल.बी. भट्ट, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. वरुण विजय, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड प्रो. शरद सिंह, डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता और डॉ. रुमिता सिंह के साथ-साथ डिपार्टमेंट के सभी डॉक्टर, रेजिडेंट और स्टाफ मौजूद थे।
कॉन्फ्रेंस में सरफेस गाइडेड रेडिएशन थेरेपी (SGRT) पर फोकस किया गया, जो एक लेटेस्ट टेक्नोलॉजी है जो सिंपल मोशन मैनेजमेंट से आगे बढ़कर पूरे क्लिनिकल इंटीग्रेशन तक जाती है। मरीज़ की सतह को 3D में ट्रैक करने के लिए एडवांस्ड कैमरा सिस्टम का इस्तेमाल करके, SGRT यह पक्का करता है कि रेडिएशन सब-मिलीमीटर एक्यूरेसी के साथ दिया जाए, जिससे हेल्दी टिशू के संपर्क में आने का खतरा काफी कम हो जाता है।
इस इवेंट में अलग-अलग क्लिनिकल एप्लीकेशन के बारे में चर्चा की गयी जिनमें यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स डोरसेट के प्रिंसिपल फिजिसिस्ट जोश नेलर ने टेक्निकल सेशन की शुरुआत SGRT को “पैराडाइम-शिफ्टिंग टेक्नोलॉजी” के तौर पर हाईलाइट करके की। इसी प्रकार एक्सपर्ट्स ने हेड और नेक कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में SGRT के इस्तेमाल और रेडिएशन के दौरान दिल को बचाने के लिए DIBH (डीप इंस्पिरेशन ब्रीथ होल्ड) टेक्नीक में इसकी ज़रूरी भूमिका पर चर्चा की। सेशन में स्टीरियोटैक्टिक ट्रीटमेंट और कैमरा-टू-काउच शिफ्ट के पीछे की फिजिक्स पर भी बात की गई, जिसे रूबी हॉल क्लिनिक और रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल जैसे इंस्टीट्यूशन के स्पेशलिस्ट ने प्रेजेंट किया।
डॉ वरुण ने बताया कि दिन की खास बात दो बड़े पैनल डिस्कशन थे, जो हेड और नेक ट्रीटमेंट के “फाइनल फ्रंटियर्स” और ब्रेस्ट, एब्डोमेन और थोरैक्स केयर के “न्यू स्टैंडर्ड्स” पर फोकस थे। इन पैनल्स से अटेंडीज़ के बीच रियल-वर्ल्ड वर्कफ़्लो और क्लिनिकल रिज़ल्ट्स का अच्छा लेन-देन हुआ। इसके अतिरिक्त दोपहर के सेशन में ब्रेस्ट ट्रीटमेंट के लिए DIBH, हेड और नेक पेशेंट्स के लिए बिना मास्क वाला ट्रीटमेंट, पेल्विक ट्रीटमेंट वगैरह जैसी अलग-अलग तरह की टेक्नीक्स के लाइव डेमोंस्ट्रेशन दिखाए गए, जिससे पार्टिसिपेंट्स को यह देखने का मौका मिला कि SGRT पेशेंट सेफ्टी और ट्रीटमेंट एफिशिएंसी को बेहतर बनाने के लिए डेली क्लिनिकल प्रैक्टिस में कैसे इंटीग्रेट होता है।

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