Saturday , February 7 2026

केजीएमयू में लव जेहाद : महिला रेजीडेंट ने की थी आत्महत्या की कोशिश, साथी रेजीडेंट डॉक्टर पर लगाये गंभीर आरोप

-राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव से मिलकर पीडि़ता ने सुनायी आपबीती

-विश्व हिन्दू परिषद सहित कई अन्य संगठनों में उबाल, केजीएमयू पहुंचकर किया प्रदर्शन, नारेबाजी

-केजीएमयू प्रशासन ने कहा, जांच करायी जा रही, कठोर कार्रवाई का दिया आश्वासन

 
सेहत टाइम्स

लखनऊ। देश ही नहीं दुनिया में प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय केजीएमयू एक बार फिर से सुर्खियों में है, इस बार अपनी उपलब्धियों को लेकर नहीं, बल्कि लव जेहाद के मामले को लेकर है। यहां की एक हिन्दू महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने अपने साथ रेजिडेंटशिप करने वाले मुस्लिम रेजीडेंट डॉक्टर पर उसके साथ शोषण और धर्मान्तरण करने का आरोप लगाया है, इस मामले में पीडि़ता ने राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव से मिलकर अपनी आपबीती सुनायी है, पीड़िता के परिजनों ने मुख्यमंत्री जन सुनवाई पोर्टल व राज्य महिला आयोग में शिकायत की है। घटना को लेकर विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, मां करणी सेना आदि संगठनों ने 22 दिसम्बर को केजीएमयू पहुंचकर प्रदर्शन किया है। विश्व हिन्दू परिषद द्वारा कुलपति को सौंपे ज्ञापन में आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है, इस पर केजीएमयू प्रशासन द्वारा स्पष्ट कहा गया है कि मामला बहुत दुखद है, इसकी जांच करायी जा रही है, इसके बाद ही कोई कदम उठाया जायेगा।

घटना के बारे में जानकारी में आया है कि केजीएमयू में इस मामले का पता तब चला था जब महिला रेजीडेंट ने आत्महत्या करने का प्रयास करने के बाद उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। लखनऊ के केजीएमयू में धर्मान्तरण के प्रयास का मामला सामने आया है। प्रेम विवाह से पहले हिन्दू रेजिडेंट छात्रा पर धर्म बदलने का दबाव डाला गया। यह दबाव उसी के साथ पढ़ने वाले पुरुष रेजिडेंट डॉक्टर ने डाला। महिला रेजिडेंट ने धर्मान्तरण का विरोध किया तो प्रेमी ने उसे छोड़ दिया। मानसिक रूप से परेशान महिला रेजिडेंट ने टैबलेट खाकर खुदकुशी की कोशिश की। गंभीर अवस्था में उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान सेहत में सुधार के बाद शुक्रवार को पीड़िता को छुट्टी दे दी गई। पीड़िता के परिजनों ने मुख्यमंत्री जन सुनवाई पोर्टल व राज्य महिला आयोग में शिकायत की है।

महिला रेजिडेंट केजीएमयू में हॉस्टल में रहती थी। उसकी मुलाकात बीते जुलाई 2025 में साथ में रेजिडेंटशिप कर रहे पुरुष डॉक्टर से हुई, इसके बाद बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। परिजनों का आरोप है कि पुरुष रेजिडेंट ने बेटी को अपने प्रेमजाल में फंसाया और शोषण किया। उनका कहना है कि जब बेटी ने शादी की बात की तो पुरुष रेजीडेंट डॉक्टर ने उस पर धर्मान्तरण करने का दबाव बनाया, धर्मान्तरण के लिए महिला रेजीडेंट के तैयार न होने पर पुरुष रेजीडेंट ने महिला रेजीडेंट को छोड़ दिया।

परिजनों का आरोप है कि इसी के बाद पिछले दिनों मानसिक रूप से परेशान बेटी ने खुदकुशी का प्रयास किया। केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में आईसीयू में इलाज के बाद जान बची। घटना के बाद यह भी सामने आया है कि पहले भी यह पुरुष रेजीडेंट डॉक्टर बीती फरवरी 2025 में एक हिन्दू महिला रेजीडेंट का धर्म बदलवा कर शादी कर चुका है।

राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने कहा कि लव जिहाद के नाम पर हिंदू बेटियों का जीवन बर्बाद किया जा रहा है। मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़िता का बार-बार शोषण किया गया और उस पर मानसिक दबाव डाला गया, जिसके चलते उसने आत्महत्या का प्रयास किया।

उन्होंने बताया कि आरोपी डॉक्टर का नाम रमीज मलिक है, जो केजीएमयू में पैथोलॉजी विभाग में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर है। उन्होंने कहा कि इस तरह की मानसिकता रखने वाले व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में जो भी अन्य लोग शामिल होंगे, उन्हें भी जेल भेजा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बीएनएस के तहत जितनी भी सख्त धाराएं लग सकती हैं, सभी लगाई जाएंगी। ऐसे मामलों में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि आरोपी ने पहले भी हिंदू लड़की से धर्म परिवर्तन कर शादी की थी। झूठ बोलकर संबंध बनाना भी कानूनन अपराध है और इस पहलू की भी जांच की जाएगी।

इस प्रकरण को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पीडि़ता को न्याय दिलाकर दोषी चिकित्सक पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग करते हुए प्रदर्शन-नारेबाजी की है। सोमवार को विश्व हिंदू परिषद ने केजीएमयू में प्रशासनिक भवन पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया, प्रदर्शनकारी सेल्बी हॉल के अंदर पहुंच गये, उन्होंने कुलपति को ज्ञापन सौंपते हुए कड़ी कार्रवाई करने की मांग की, जिस पर केजीएमयू प्रशासन द्वारा आश्वासन दिया गया है।

विश्व हिंदू परिषद के प्रदर्शन के दौरान महिलाएं भी शामिल थी। विश्व हिंदू परिषद के संगठन मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि केजीएमयू में लगातार धर्म परिवर्तन और लव जिहाद के मामले सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की बहन-बेटियों में डर का माहौल है। उन्होंने कहा कि जो हमारी हिंदू बेटियों को फंसाने और उन्हें कलंकित करने का काम करेगा, उनकी ईंट से ईंट बजाने का काम हम लोग करेंगे। उन्होंने कहा कि आरोपी मुस्लिम रेजीडेंट डॉक्टर को संस्थान से निष्कासित किया जाये, और इस संबंध में विस्तृत जांच की जाये कि कहीं कोई बड़ी साजिश तो नहीं चल रही है।

मां करणी सेना भी मैदान में

इस मामले को लेकर मां करणी सेना ने भी केजीएमयू पहुंच कर प्रदर्शन किया। प्रदेश सचिव कुंवर आशीष सिंह ने बताया कि लव जेहाद का यह प्रकरण सभ्य समाज के लिए अत्यंत चिंतनीय और निंदनीय है। मां करणी सेना इसका सख्त विरोध करते हुए मुस्लिम रेजिडेंट डॉक्टर को बर्खास्त करने के साथ ही डॉक्टर को कठोरतम दंड दिए जाने की मांग करती है, जिससे लव जेहाद जैसा कृत्य भविष्य में न हो। उन्होंने इस विषय में मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, कुलपति, पुलिस महानिदेशक को भी ज्ञापन भेजा है।