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शरीर की जैविक घड़ी के अनुसार दवा लेने पर ज्यादा असरकारक हो सकता है कैंसर का उपचार

-कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में Chronotherapy: Circadian Rhythm and Their Influence in Cancer Therapy विषय पर लेक्चर आयोजित

सेहत टाइम्स

लखनऊ। कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान, लखनऊ के रिसर्च सेल द्वारा आज 30 अक्टूबर को “Chronotherapy: Circadian Rhythm and Their Influence in Cancer Therapy” विषय पर एक ज्ञानवर्धक गेस्ट लेक्चर का आयोजन किया गया।

मुख्य वक्ता प्रो. मदन एम. गोडबोले, पूर्व प्रोफेसर, एंडोक्राइनोलॉजी विभाग, SGPGIMS, लखनऊ एवं रिसर्च एडवाइज़र, KLE यूनिवर्सिटी, कर्नाटक ने बताया कि सर्केडियन रिद्म मानव शरीर की जैविक घड़ी है, जो दवाओं की प्रभावशीलता को प्रभावित करती है। क्रोनोथेरेपी के माध्यम से दवाओं का सही समय पर प्रयोग कैंसर उपचार को अधिक प्रभावी बना सकता है।

प्रो. एन.एस. वर्मा, प्रिंसिपल, हिंद इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ ने अपने संबोधन में कहा कि क्रोनोबायोलॉजी को कैंसर अनुसंधान और उपचार में शामिल करना रोगियों के उपचार परिणामों को बेहतर बना सकता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक प्रो. एम.एल.बी. भट्ट ने की तथा डीन प्रो. सबुही कुरैशी सह-अभिभावक रहीं। आयोजन सचिव प्रो. शरद सिंह एवं डा.एस.श्रीवास्तव रहे। कार्यक्रम में संकाय सदस्यों, रेज़िडेंट्स एवं नर्सिंग स्टाफ की सक्रिय उपस्थिति रही।