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चलते-फिरते ट्यूमर को भी स्कैन करने वाली मशीन लग रही है कल्याण ​सिंह कैंसर इंस्टीट्यूट में

-रेडियो थैरेपी की प्लानिंग में भी मदद करती है 4डी-सी टी सिम्युलेटर मशीन

प्रो आरके धीमन

सेहत टाइम्स

लखनऊ। कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट में 4डी-सी टी सिम्युलेटर मशीन लग रही है, इस सीटी स्कैनर की विशेषता यह है कि इससे श्वसन के साथ चलने वाले ट्यूमर को भी स्कैन कर लेता है। ज्ञात हो साधारण सीटी स्कैन में कुछ सेकंड तक सांस रोककर स्कैन कराना पड़ता है।

यह जानकारी देते हुए संस्थान के निदेशक प्रो आरके धीमन ने बताया कि 4डी-सी टी सिम्युलेटर मशीन को लगाना प्रारंभ हो गया है। यह सीटी स्कैनर का एक बहुत ही विशिष्ट संस्करण है, जो रेडियोथेरेपी सिम्युलेटर के रूप में मदद करता है। मशीन अस्थायी डेटा प्राप्त कर सकती है जो चलते-फिरते ट्यूमर को स्थानीयकृत करने में मदद करती है। इससे उन ट्यूमर के उपचार में मदद मिलेगी, जो श्वसन के साथ चलते हैं।
उन्होेंने बताया कि यह सटीक स्थानीयकरण (localisation) स्टीरियोटैक्टिक बॉडी रेडियोथेरेपी (एसबीआरटी) के लिए रेडियो थैरेपी की योजना बनाने में मदद करता है, जहां रेडियो थैरेपी की बहुत बड़ी खुराक बहुत कम अंशों में दी जाती है। यह अब लिवर कैंसर, फेफड़े के कैंसर, अग्नाशय कैंसर आदि जैसे कई ट्यूमर में देखभाल का मानक बन गया है।

प्रोफेसर धीमन ने बताया कि इस तकनीक का उपयोग अब उन आम लोगों के लाभ के लिए किया जाएगा जो केएसएससीआई अपनी पहुंच में आने वाली अत्याधुनिक रेडियो थैरेपी की उम्मीद के साथ आते हैं। उन्होंने बताया कि कल्याण सिंह सुपर स्पेशिएलटी कैंसर संस्थान में पीएमजेएवाई (आयुष्मान), मुख्यमंत्री राहत कोष, प्रधानमंत्री राहत कोष, दीन दयाल उपाध्याय सरकारी कर्मचारी उपचार योजना आदि के लाभार्थी भी उपचार करा सकते हैं।