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सिर्फ दांत ही नहीं, जीभ भी साफ करें, क्‍योंकि 50 फीसदी कीटाणु जीभ पर रहते हैं

-सरस्‍वती डेंटल कॉलेज के सेटेलाइट सेंटर में रोटरी इलीट ने आयोजित किया डेंटल कैम्‍प

-होम्‍योपैथिक रिसर्च फाउंडेशन के बहुउद्देशीय केंद्र पर आयोजित शिविर में की गयी बच्‍चों के दांतों की जांच

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। सभी लोग मंजन करने के समय अपनी जीभ भी साफ करें क्‍योंकि 50 प्रतिशत कीटाणु दांतों पर होते हैं तथा शेष 50 प्रतिशत कीटाणु जीभ पर होते हैं। बच्‍चे जब भी चॉकलेट खायें या कुछ भी खायें, तो उसके बाद अच्‍छे से कुल्‍ला करना बहुत जरूरी है। वरना कीड़े लग जाते हैं जो दांतों को खा जाते हैं। ब्रश कैसे करें, कब करें, कितनी देर करें, कुछ इसी प्रकार की महत्‍वपूर्ण जानकारियां आज बच्‍चों को दी गयीं। मौका था नि:शुल्‍क दंत शिविर के आयोजन का।

रोटरी इलीट व सरस्‍वती डेंटल कॉलेज द्वारा भारत ज्‍योति के सहयोग से यहां गायत्री नगर, नौबस्‍ता खुर्द, मड़ि‍यांव थाने के पीछे स्थित होम्‍योपैथिक रिसर्च फाउंडेशन के बहुउद्देशीय भवन परिसर में सरस्‍वती डेंटल कॉलेज के सेटेलाइट सेंटर पर एक नि:शुल्‍क दंत शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में विशेषकर बच्‍चों को मुंह की सफाई के बारे में विस्‍तार से जानकारी देते हुए उनके दांतों का परीक्षण किया गया। परीक्षणोंपरांत सभी बच्‍चों को टूथपेस्‍ट व अन्‍य उपहार वितरित किये गये। दंत विशेषज्ञ डॉ आकांक्षा दुबे के नेतृत्‍व में डॉ हर्ष तिवारी, डॉ कृतिका सिंह, डॉ राम पाण्‍डेय और डॉ अभिषेक कुमार की टीम ने 34 बच्‍चों के दांतों की जांच की। 

इस मौके पर डॉ आकांक्षा ने बच्‍चों को सम्‍बोधित करते हुए कहा कि कम से कम दो बार एक बार सुबह उठने के बाद तथा दूसरी बार रात्रि में सोने से पहले दो मिनट तक ब्रश करें। दो मिनट से कम या दो मिनट से ज्‍यादा ब्रश करने का कोई लाभ नहीं है। ब्रश करने का तरीका बताते हुए उन्‍होंने दांतों के एक मॉडल पर ब्रश कर दिखाते हुए कहा कि सबसे पहले मटर के दाने के बराबर ब्रश पर मंजन लगा लें फि‍र हल्‍के हाथों से पहले ब्रश को दांतों के ऊपर गोल-गोल घुमायें, फि‍र दांतों के अंदर की तरफ और दांतों के बीच में ब्रश से सफाई करें। उन्‍होंने कहा कि ऊपर के दांतों में ऊपर से नीचे और नीचे के दांतों में नीचे से ऊपर ब्रश करें।

डॉ आकांक्षा ने बताया कि रात्रि में सोने से पूर्व ब्रश करना बहुत जरूरी है क्‍योंकि अगर दांतों के बीच कुछ भी खाना फंसा रह गया तो कीड़ों को दांतों पर हमला करने के लिए पूरी रात का समय मिल जाता है। उन्‍होंने कहा कि कभी भी दांतों में फंसी हुए किसी चीज को निकालने के लिए नुकीली चीज का इस्‍तेमाल नहीं करना है, इससे गंभीर चोट लगने का डर रहता है। खाना खाने से पूर्व हाथ जरूर धोयें वरना खाना खाने के साथ की‍टाणु हमारे पेट में पहुंच जायेंगे जो कई प्रकार की दिक्‍कतें पैदा कर सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि अगर किसी चीज को खाने में आपको उस चीज को अपने हाथ से छूना पड़े तो हमेशा हाथ धोकर ही छुएं।

इस मौके पर डॉ गिरीश गुप्‍ता, रोटेरियन अजय सक्‍सेना, पंकज अग्रवाल और अनुराग अग्रवाल के साथ ही अन्‍य लोग उपस्थित रहे। डॉ गिरीश गुप्‍ता ने शिविर के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि बच्‍चों को इस प्रकार की जानकारी देना बहुत मायने रखता है। इनके बाल मन में जब सफाई का महत्‍व बैठ जायेगा जो कि जीवन भर इनके स्‍वास्‍थ्‍य को दुरुस्‍त रखने की प्रेरणा देगा। रोटेरियन अजय सक्‍सेना ने आये हुए अतिथियों और पूरी डॉक्‍टरों की टीम का आभार जताते हुए बच्‍चों को भी अपने स्‍वास्‍थ्‍य का ध्‍यान रखने की नसीहत दी।