Wednesday , July 1 2026

महिलाओं का सिर्फ चेहरा ही क्‍यों, अंग-अंग होना चाहिये सुंदर

-आईएमए में आयोजित स्टेट लेवल रिफ्रेशर कोर्स एवं सीएमई में दी गयी कॉस्‍मेटिक गाइनीकोलॉजी के बारे में जानकारी  

डॉ पूनम मिश्रा

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। साधारणत: गाइनीकोलॉजी में हम डिलीवरी और स्‍त्री रोगों की बात करते हैं लेकिन इसके अलावा भी बहुत सी छोटी-छोटी आंतरिक शारीरिक परेशानियां ऐसी हैं जिनसे महिलाएं जूझती हैं लेकिन किसी से कह नहीं पातीं। इसका असर महिलाओं के आंतरिक सौंदर्य पर पड़ता है। इन समस्‍याओं की चर्चा हम कॉस्‍मेटिक गाइनीकोलॉजी में करते हैं जिसमें चेहरे की सौंदर्य के अलावा इंटीमेट मेकओवर पर ध्‍यान दिया जाता है।

यह जानकारी सीनियर कन्‍सल्‍टेंट डॉ पूनम मिश्रा ने रविवार को इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन की लखनऊ शाखा द्वारा यहां आईएमए भवन में आयोजित स्टेट लेवल रिफ्रेशर कोर्स एवं एक वृहद सतत चिकित्‍सा शिक्षा (सीएमई) में अपने व्‍याख्‍यान में कही। कॉस्‍मेटिक गाइनीकोलॉजी-दि ब्‍लूमिंग बड ऑफ गाइनीकोलॉजी विषय पर जानकारी देते हुए डॉ पूनम मिश्र ने कहा कि महिलाओं को होने वाली इन छोटी-छोटी दिक्‍कतों जैसे कि यूरीनियल लीक्‍स यानी खांसते-जोर से हंसते, छींकते समय थोड़ी सी पेशाब निकल जाती है, यह महिला के लिए अत्‍यन्‍त शर्मनाक स्थिति होती है लेकिन वह किसी से कह नहीं पाती है चुपचाप रहती है और जब स्थिति बिगड़ जाती है तब पता चलता है। इसी प्रकार बच्‍चे पैदा होने के बाद महिलाएं उनके शरीर में आये बदलावों के चलते परेशान रहती हैं, जिन्‍दगी का लुत्‍फ नहीं उठा पातीं।

डॉ पूनम ने कहा कि यहीं पर कॉस्‍मेटिक गाइनीकोलॉजी की महत्‍वपूर्ण भूमिका शुरू होती है। उन्‍होंने बताया कि महिला की सुंदरता के लिए सिर्फ उसका चेहरा ही सुंदर होना जरूरी नहीं है बल्कि उसका पूरा शरीर सुन्‍दर होना चाहिये, उसका अंतर्मन भी उल्‍लास और आत्‍मविश्‍वास से भरा होना चाहिये। उन्‍होंने क‍हा कि हर कोई युवा रहना चाहता है, बुढ़ापा किसी को भी पसन्‍द नहीं है।

डॉ पूनम मिश्रा कहती हैं कि हम हमेशा कहते हैं कि उम्र बढ़ना सुंदरता से भरा होना चाहिये। उन्‍होंने बताया कि प्राय: देखा गया है कि जहां एक-दो बच्‍चे हुए तो महिलाओं को कई प्रकार की दिक्‍कतें पैदा हो जाती है जिसका असर उसकी सेक्‍सुअल लाइफ पर भी पड़ने लगता है। उन्‍होंने बताया कि जैसे वैजाइनल लूजिंग, वैजाइनल ड्राइनेस, पेट का लटकना, पेट पर सफेद धारियां पड़ना (जिससे साड़ी पहनने में महिलाओं को दिक्‍कत होती है) जैसी अनेक समस्‍याएं हैं। इस तरह की अनेक समस्‍याओं से छुटकारा दिलाते हुए पूरी बॉडी को शेप देने, सुंदर बनाने के लिए लेजर, रेडियो फ्रीक्‍वेंसी, पीआरपी जैसे बहुत से उपाय हैं जिससे महिला का अंग-अंग तो सुंदर बन ही जाता है, उसके आत्‍मविश्‍वास में भी बढ़ोतरी होती है।