-प्रशिक्षण के बाद स्पेशल सर्जन ही कर सकेंगे 58 प्रकार की सर्जरी

सेहत टाइम्स ब्यूरो
लखनऊ। आयुष मंत्रालय ने साफ किया है कि आयुर्वेद के सभी डॉक्टर नहीं, जो स्पेशल सर्जन हैं वही सर्जरी कर सकते हैं, वह भी 58 प्रकार की सर्जरी। यह स्पष्टीकरण आयुष मंत्रालय ने ट्वीटर पर दिया है। मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि यह नियम नया नहीं है, इसकी घोषणा वर्ष 2016 में ही कर दी गयी थी।
ज्ञात हो शनिवार को जब से अधिसूचना जारी हुई थी तब से यह खबर काफी ज्यादा सुर्खियों में थी कि आयुर्वेद के डॉक्टर भी अब जनरल और ऑर्थोपेडिक सर्जरी के साथ आंख, कान और गले की सर्जरी कर सकेंगे।
ज्ञात हो आयुर्वेद के विद्यार्थियों को सर्जरी की शिक्षा तो दी जाती थी, लेकिन उनके सर्जरी करने के अधिकारों के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं था। अब सरकार के नोटिफिकेशन में यह स्पष्ट किया गया है कि आयुर्वेद के सर्जरी में पीजी करने वाले छात्रों को आंख, नाक, कान, गले के साथ ही जनरल सर्जरी के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके साथ ही इन छात्रों को स्तन की गांठों, अल्सर, मूत्रमार्ग के रोगों, पेट से बाहरी तत्वों की निकासी, ग्लुकोमा, मोतियाबिंद हटाने और कई सर्जरी करने का अधिकार होगा।
