-फार्मासिस्ट फेडरेशन की दो टूक : मकड़जाल में मत उलझाइये, अन्यथा आंदोलन की राह जाना पड़ेगा

सेहत टाइम्स
लखनऊ। विभिन्न जनपदों के फार्मासिस्टो से प्राप्त संदेशों को देखते हुए फार्मासिस्ट फेडरेशन का मानना है कि कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना से कम कुछ भी स्वीकार्य नहीं है।
फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव, महामंत्री अशोक कुमार ने बताया कि कल केंद्र सरकार द्वारा यूनिफाइड पेंशन स्कीम की घोषणा किए जाने के बाद प्राथमिक तौर पर उसका अध्ययन किया गया और विभिन्न जनपदों के फार्मासिस्टों से उनके विचार पूछे गए। प्राप्त संदेशों को देखते हुए फार्मासिस्ट फेडरेशन की मांग है कि अविलंब पुरानी पेंशन योजना को हूबहू बहाल किया जाए,अन्यथा फेडरेशन से जुड़े संघ के सदस्य पुरानी पेंशन की मांग करने वाले संगठनों को समर्थन देते हुए आंदोलन में भागीदारी करेंगे।


श्री यादव ने कहा कि सरकार के प्रतिनिधियों के मुताबिक यदि यूपीएस, पुरानी पेंशन योजना के समान ही लाभ दे रहा है तो क्यों न कर्मचारियों की मांग के अनुरूप पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए।
कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर चिंतित है, और सरकार उन्हें विभिन्न नवीन योजनाओं के मकड़जाल में उलझा रही है। ज्यादातर कर्मचारी वित्तीय प्रबंधन के विशेषज्ञ नहीं होते है, अतः कर्मचारियों को इधर-उधर की योजनाएं समझ नहीं आती। प्राथमिक तौर पर ऐसा लग रहा है कि कर्मचारी नाखुश हैं, इसलिए सरकार को पुरानी पेंशन लागू करनी चाहिए।
