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पारस्‍परिक पुनर्नियुक्ति का असर क्‍या वरिष्‍ठता पर पड़ेगा ?

-संयुक्‍त एनएचएम कर्मचारी संघ ने मिशन निदेशक, एनएचएम को पत्र लिखकर संदेह दूर करने का किया अनुरोध

योगेश उपाध्याय

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। संयुक्त एनएचएम कर्मचारी संघ ने मिशन निदेशक से पत्र लिखकर निवेदन किया है कि संविदा कार्मिकों के पारस्परिक पुनर्नियुक्ति के लिए समस्त जनपद को निर्देशित किया गया था इस सम्‍बन्‍ध में स्थानांतरण का लाभ लेने वाले इच्‍छुक कार्मिक के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है कि पारस्परिक पुनर्नियुक्ति का उपभोग करने के पश्चात कार्मिको की वरिष्ठता शून्य हो जायेगी जिससे भविष्य मे वरिष्ठता के आधार पर मिलने वाले लाभ (लायलिटी बोनस समेत अन्य भविष्य की योजना) से वंचित रहेंगे। पत्र में निवेदन किया गया है कि कार्मिको के भ्रम दूर करने के लिए स्पष्ट जानकारी देने का कष्ट करे।

यह जानकारी देते हुए संयुक्त राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन कर्मचारी संघ के महामंत्री योगेश उपाध्याय ने कहा पारस्परिक स्थानांतरण (पुर्ननियुक्ति) से मात्र कुछ प्रतिशत कार्मिक लाभान्वित हो पा रहे है यदि रिक्त पदों पर विशेष परिस्थिति की दशा मे स्थानांतरण प्रारम्भ किये जाने मे कठिनाई अथवा कोई व्यवधान है तो आपसे निवेदन कि वर्ष 2012 की भांति इच्‍छुक कार्मिकों का एकल स्थानांतरण उनके गृह जनपद मे कर दिया जाये जिससे कार्मिक अपने गृह जनपद मे अल्पवेतन पर जीवन यापन कर सके।

आयुष फार्मासिस्ट संघ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अम्मार जाफ़री ने कहा कि विभिन्न कैडर में अनेकों पद रिक्त होने एवं सृजित पदों की संख्या कम होने के कारण पारस्परिक पुनःनियुक्ति(म्यूचयल स्थान्तरण) के लिए समान्तर साथी नहीं मिल रहा हैं, जिस कारणवश म्यूचयल का लाभ उनके जैसे अनेक कैडर को नहीं मिल रहा है। रिक्त पदों पर स्थान्तरण अथवा गृहजनपद स्थान्तरण शुरू नहीं हुआ तो कर्मियों के अल्पवेतन एवं मानसिक उत्पीड़न को देखते हुए संगठन विवश होकर आन्दोलन के लिए बाध्य होगा।

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