वक्त आ गया है कि मानसिक रोग की गंभीरता को समझा जाये

 

 

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर बनायी मानव श्रृंखला

 

 

लखनऊ. विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आज केडी सिंह बाबू स्टेडियम में एक भव्य मानव श्रृंखला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मनोरोग विभाग के विभागाध्यक्ष डा. एससी तिवारी द्वारा किया गया।

 

डा. एससी तिवारी ने मानव श्रृंखला में सम्मिलित सभी छात्रों, अध्यापकों, पैरामेडिकल स्टूडेन्ट एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज हम मानसिक रोग के ज्वालामुखी पर बैठे हुए है। समाज के 10 में से 7 व्यक्ति किसी न किसी प्रकार के मनोरोग से ग्रसित है, विशेष बात यह है कि इस प्रकार के रोगी अपने आप को कभी भी बीमार नहीं मानते है। आज वक्त आ गया है कि हम मानसिक रोग की गम्भीरता एवं मरीज की मानसिकता को समझे और प्रयास करें कि शीघ्र ही मनोचिकित्सक से मिलकर रोग के निदान की दिशा में प्रयास करें।

 

महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डा0 पदमाकर सिंह द्वारा अवगत कराया गया कि प्रदेश में मनोचिकित्सकों की भारी कमी है। भारत सरकार ने राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की शुरूआत करके एक बहुत ही सराहनीय पहल की है। इस कार्यक्रम के तहत जनपदवार एक राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रकोष्ठ की स्थापना की जा रही है, जिसमें एक मनोरोग चिकित्सक प्रतिदिन मरीजों का परीक्षण करेगा एवं डॉक्टर  अलग-अलग दिनों में अलग-अलग विद्यालयों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में जाकर मरीजों का इलाज करेंगे।

 

 

कार्यक्रम का समापन जिला अधिकारी, लखनऊ कौशल राज शर्मा द्वारा किया गयां मानव श्रृंखला के निर्माण में मेंटल हेल्थ के स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. सुनील पाण्डेय, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रकोष्ठ लखनऊ के नोडल अधिकारी डा सुनील कुमार रावत एवं उनकी टीम का प्रयास सराहनीय रहा।