राम उजागिर पाण्डेय की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि

डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के संस्थापक थे राम उजागिर

लखनऊ। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के संस्थापक एवं महामंत्री स्व. राम उजागिर पांडेय की 14वीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया गया। एसोसिएशन के सदस्यों ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनके बताए सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया। श्रद्धांजलि सभा में कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष वीपी मिश्र ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर राम उजागिर के जीवन के कुछ पहलुआें को उजागर किया।
श्री मिश्र ने कहा कि स्व. पांडेय के नेतृत्व को कर्मचारी काफी पसंद करते थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में कर्मचारियों को एकजुट करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष एसके रावत, महामंत्री अतुल मिश्र ने स्व. पांडेय को संघर्ष का प्रतीक बताया। डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसो के महामंत्री केके सचान ने कहा कि स्व. पांडेय ने फार्मेसी छात्रों को एकजुट कर इस संघ का गठन किया था। उन्होंने अपने कार्यकाल में फार्मासिस्ट संवर्ग में चीफ फार्मेसिस्ट से लेकर संयुक्त निदेशक तक के पद सृजित कराये ।
राजकीय फार्मेसिस्ट महासंघ के अध्यक्ष सुनील यादव ने अपने सबोधन में स्व. पांडेय को एक कुशल रणनीतिकार के साथ अच्छा साहित्यकार भी बताया। एसोसिएशन के संरक्षक एस के यादव, उपाध्यक्ष राजेश सिंह, जनपद अध्यक्ष जेपी नायक, मंत्री आरआर चौधरी ने भी अपने अनुभव सबके साथ बांटे । इस अवसर पर यह भी संकल्प लिया गया कि स्व. पांडेय की याद में लखनऊ में जल्द ही रक्तदान कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। सभा मे स्व. पांडेय के पुत्र राहुल पांडेय भी उपस्थित थे।

दूसरी आेर उनकी पुण्यतिथि पर प्रदेश के अन्य जनपदों में रक्तदान, सेमिनार एवं फल वितरण समेत कई अन्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। ज्ञात हो कि स्व. उजागिर का 6 जुलाई 2003 में निधन हो गया था।

फार्मासिस्टों ने किया रक्तदान

लखनऊ। स्व. राम उजागिर पांडेय की 14वीं पुण्यतिथि के अवसर पर संघ ने बलरामपुर अस्पताल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस अवसर पर राजीव पटेल कन्नौजिया ने कहा कि फार्मासिस्ट समाज अपने कार्यों व दायित्वों के प्रति समर्पित होकर समाज की सेवा कर रहा है। रक्तदान केप्रति लोगों को जागरूक करना भी इसी दायित्वों में आता है। इस दिन रक्तदान करने का उद्देश्य मानवता की सेवा करना है। बलरामपुर अस्पताल के दिनेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि रक्तदान का कोई विकल्प नहीं है। इससे बड़ा कोई दान नहीं है। मंत्री आरआर चौधरी ने बताया कि रक्तदान का कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा।