-कंज़र्वेटिव डेंटिस्ट्री एवं एंडोडॉन्टिक्स विभाग ने सप्ताह भर आयोजित किये विभिन्न कार्यक्रम


सेहत टाइम्स
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ के कंज़र्वेटिव डेंटिस्ट्री एवं एंडोडॉन्टिक्स विभाग द्वारा नेशनल कॉन्स-एंडो डे के अवसर पर 5 से 9 मार्च के बीच विभिन्न शैक्षणिक एवं सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
यह जानकारी देते हुए कंज़र्वेटिव डेंटिस्ट्री एवं एंडोडॉन्टिक्स विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रोमिला वर्मा ने बताया कि इन आयोजनों का प्रमुख आकर्षण महिला मरीजों के लिए निःशुल्क डेंटल रेस्टोरेशन कैंप रहा, जिसे महिला अध्ययन केंद्र, KGMU के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस International Women’s Day के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं में मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा आवश्यक दंत उपचार उपलब्ध कराना था। इस शिविर के दौरान 100 से अधिक महिला मरीजों को निःशुल्क डेंटल फिलिंग्स प्रदान की गईं, जिससे दांतों की कार्यक्षमता और सौंदर्य दोनों को बहाल करने में मदद मिली तथा दांतों में सड़न की आगे बढ़ने की प्रक्रिया को रोका जा सका।
इस पहल ने न केवल महिलाओं के लिए दंत उपचार की उपलब्धता को बढ़ाया, बल्कि दंत क्षय के प्रबंधन में समय पर उपचार के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि रोगी सेवा गतिविधियों के अतिरिक्त, विभाग द्वारा स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कई शैक्षणिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया।
स्नातकोत्तर छात्रों के लिए रील मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें छात्रों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से एंडोडॉन्टिक देखभाल, दांतों के संरक्षण तथा निवारक दंत चिकित्सा के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया। प्रतियोगिता में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और दांतों के संरक्षण के महत्व को दर्शाते हुए कई नवाचारी और जानकारीपूर्ण प्रस्तुतियां दीं।
स्नातक छात्रों के लिए “Save the Tooth” विषय पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता ने छात्रों को दांतों के संरक्षण के महत्व को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया। प्रतिभागियों ने दंत क्षय की प्रारंभिक पहचान, रेस्टोरेटिव डेंटिस्ट्री की भूमिका, मौखिक स्वच्छता की निवारक आदतें तथा प्राकृतिक दांतों को सुरक्षित रखने के दीर्घकालिक लाभ जैसे विषयों पर आधारित पोस्टर प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. प्रोमिला वर्मा ने समय पर दंत उपचार के माध्यम से प्राकृतिक दांतों के संरक्षण के महत्व पर बल दिया। उन्होंने छात्रों और आम जनता दोनों को नियमित दंत परीक्षण करवाने तथा दंत समस्याओं के लिए समय रहते उपचार कराने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. राकेश कुमार यादव ने कहा कि मौखिक स्वास्थ्य समग्र स्वास्थ्य और कल्याण का एक महत्वपूर्ण अंग है। उन्होंने बताया कि नेशनल कॉन्स-एंडो डे जैसे जागरूकता कार्यक्रम लोगों को मौखिक स्वच्छता बनाए रखने, दंत रोगों की रोकथाम करने और समय पर दंत चिकित्सा सेवाएं लेने के लिए प्रेरित करते हैं।
इस आयोजन को सफल बनाने में विभाग के संकाय सदस्यों डॉ. रमेश भारती, डॉ. रिद्म, डॉ. विजय शाक्य, डॉ. प्रज्ञा पांडेय, डॉ. निशी सिंह, डॉ. शैलजा सिंह और डॉ. ज्योति जैन का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इनके समन्वित प्रयासों से सभी शैक्षणिक एवं चिकित्सीय गतिविधियों का सफलतापूर्वक संचालन किया गया।
बुजुर्गों के लिए जल्द लगेगा शिविर
इन जनजागरूकता पहलों को आगे बढ़ाते हुए, विभाग द्वारा केजीएमयू के जेरियाट्रिक मेंटल हेल्थ विभाग के सहयोग से वृद्ध मरीजों के लिए एक डेंटल चेक-अप कैंप भी आयोजित किया जाएगा। यह शिविर डॉ. श्रीकांत श्रीवास्तव और डॉ. आकांक्षा सोनल के सहयोग से आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य वृद्ध जनसंख्या की मौखिक स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को संबोधित करना तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए समेकित स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देना है।

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