Saturday , October 16 2021

कोविड काल में फेफड़ों की सूजन जांचने में कारगर है यह ब्‍लड टेस्‍ट

-सीरम एलडीएच टेस्‍ट के लिए खाली या भरे पेट दिया जा सकता है खून का नमूना

-वरिष्‍ठ पैथोलॉजिस्‍ट डॉ पीके गुप्‍ता ने एक और बायोमार्कर टेस्‍ट की दी जानकारी

डॉ पीके गुप्‍ता

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। सीरम एलडीएच यानी lactate dehydrogenase  टेस्ट बहुत पहले से ऑर्गन specific डिजीज के डायग्नोसिस के लिए एक सपोर्टिंग टेस्ट के तरह कराया जाता रहा है लेकिन आजकल कोविड संक्रमण मे फेफड़ों में सूजन तथा टिश्यू डैमेज को मॉनिटर करने के लिए कराया जाता है जो कि इलाज की दिशा तय करने में सहायक होता है।

आईएमए लखनऊ के पूर्व अध्‍यक्ष व वरिष्‍ठ पैथोलॉजिस्‍ट डॉ पीके गुप्‍ता द्वारा कोविड में विभिन्‍न बायोमार्कर टेस्‍ट के बारे में जानकारी देने के लिए जारी किये जा रहे वीडियो की श्रृंखला में एक और वीडियो जारी कर सीरम एलडीएच  टेस्‍ट की जानकारी दी है। इस जारी वीडियो में उन्‍होंने बताया कि मौजूदा कोविड काल में फेफड़ों की सूजन के अतिरिक्त अन्य मेडिकल कंडीशन जैसे हार्ट अटैक, पीलिया, किडनी डिजीज, मायोपैथी यानी मांसपेशियों मे सूजन, पैंक्रिटाइटिस (pancreatitis) लिंफोमा leukemia तथा hemolytic एनीमिया आदि मे इसकी एक्टिविटी बढ़ जाती है जिसका interpretation डॉक्टर अन्य जांच तथा मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर करते हैं और उसी के आधार पर इलाज मे मदद मिलती है

कोविड संक्रमण दौर मे एक inflammatory markar के तौर पर अन्य biomarker जैसे CRP Ferritine तथा D Dimer के साथ कराया जा रहा है चूंकि यह सस्ती जांच है तथा स्थानीय पैथोलॉजी लैब में उपलब्ध होती है इसलिए भी इसे फिजिशियन अन्य बेसिक टेस्ट के साथ एडवाइस करते हैं।

क्‍या है सिरम एलडीएच टेस्‍ट

Serum LDH जिसे lactate dehydrogenase कहते है ब्लड मे मौजूद एक एंजाइम होता है, जो कि सभी लिविंग सेल्स में पाया जाता है विशेष रूप से हार्ट लिवर लंग किडनी मां‍सपेशियों रेड ब्लड सेल्स तथा लिम्फ नोड मे LDH isoenzyme के रूप मे मौजूद होता है यह enzyme सेल्स में शुगर को एनर्जी मे कन्वर्ट करने की प्रक्रिया मे मदद करता है LDH isoenzyme 5 प्रकार के होते हैं जो कि ऑर्गन specific होते हैं सामान्यतः हम टोटल LDH टेस्ट करते हैं जिसमें सारे isoenzyme मौजूद होते है  LDH की बढ़ी हुई एक्टिविटी होने पर डॉकमेडिकल हिस्ट्री से correlate कर ऑर्गन specific टिश्यू डैमेज तथा inflammation की तीव्रता का आकलन कर उसी के अनुसार इलाज करते हैं।

किसी भी समय हो सकती है जांच, खाली पेट जरूरी नहीं

डॉ गुप्‍ता द्वारा बताया गया कि इस जाँच में blood का नमूना कैसे देना है  जाँच के लिए सैंपल कभी भी दिया जा सकता है खाली पेट तथा खाने से इसकी जाँच प्रभावित नही होती है इसके लिये 3 to 5 ml ब्लड रेड कैप ट्यूब मे लिया जाता है तथा जाँच जमे हुए खून के सीरम से किया जाता है। यहां यह सावधानी बरतनी होती है कि सैम्पल लेते समय  तथा ट्रांसपोर्ट करते समय सीरम hemolysed यानी खराब नही होना चाहिये  अन्यथा जाँच का परिणाम  false high आ सकता है इसलिए जरूरी है कि आप यह जांच पैथोलोजिस्ट  डॉक्टर द्वारा संचालित स्थानीय लैब मे ही कराये

क्या है सीरम LDH का नॉर्मल रेंज

इस एंजाइम का नॉर्मल रेंज अलग लैब तथा टेस्टिंग विधि के अनुसार  थोड़ा vary करता है इसलिए फॉलो up टेस्ट same रिलाएबल लैब से कराना उचित होता है जिससे संक्रमण तथा डिजीज की बेहतर मॉनिटरिंग होती है हमारे लैब में एंजाइम काइनेटिक मेथड से एडल्ट का नार्मल रेंज 230 U/L से 460 U/L है तथा बच्चों में इसकी रेंज थोड़ी हायर साइड मे होती है

क्लिक कर देखें वीडियो : सीरम एलडीएच टेस्‍ट के बारे में विस्‍तार से जानकारी दी डॉ पीके गुप्‍ता ने

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