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अस्थमा रोगियों के फेफड़ों पर कवच का काम करते हैं इस तरह के फल

-केजीएमयू की सीनियर डाइटिशियन विद्या प्रिया ने बताया, क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज

-विश्व अस्थमा दिवस (7 मई ) पर ‘सेहत टाइम्स’ की विशेष पेशकश

विद्या प्रिया

सेहत टाइम्स

लखनऊ। जैसा कि सब जानते हैं कि हमारे खानपान का असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है और यदि व्यक्ति किसी बीमारी से ग्रस्त है तो उसे इसका विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। विश्व अस्थमा दिवस के मौके पर ‘सेहत टाइम्स’ में ने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) की सीनियर डाइटिशियन विद्या प्रिया से विशेष वार्ता में यह जानने की कोशिश की कि अस्थमा की समस्या से जूझ रहे लोगों को अपने खान-पान में किस प्रकार का ध्यान रखना चाहिए।

इस बारे में विद्या प्रिया ने बताया कि दरअसल अस्थमा फेफड़ों के एयरवेज से जुड़ी सूजन संबंधी बीमारी है इसमें व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती है अस्थमा के मरीज को डाइट एवं लाइफस्टाइल का बहुत खयाल रखना पड़ता है आजकल बहुत कम उम्र के बच्चे भी अस्थमा से प्रभावित हो रहे हैं इसकी एक बड़ी वजह बढ़ता प्रदूषण एवं कमजोर इम्युनिटी है। विद्या प्रिया ने बताया कि कुछ ऐसे भोज्य पदार्थ है जो अस्थमा की समस्या को कम करने में सहायक होते हैं।

फल एवं सब्जियां

फल एवं सब्जियां एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन, मिनरल्स एवं फाइबर से भरपूर होती हैं जो कि फेफड़ों की सूजन को कम करने में सहायक होती हैं, इनमें साइट्रस फ्रूट्स यानि खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू , आंवला, अंगूर इत्यादि इम्युनिटी बढ़ाते हैं और फेफड़ों में एक कवच की तरह काम करते हुए और नुकसान होने से बचाते हैं। इसी प्रकार शकरकंद, गाजर, टमाटर में बीटा कैरोटीन एवं लाइकोपीन पाया जाता है जो कि सूजन को खत्म करते हैं। विद्या प्रिया ने बताया कि इम्युनिटी बढ़ाने के लिए आपकी आधी प्लेट फल एवं सब्जियों से भरी होनी चाहिए।

नट्स एंड सीड्स

नट्स एवं सीड्स में हेल्दी फैट एवं विटामिन ई पाया जाता है जो अस्थमा के मरीज के लिए फायदेमंद होता है जैसे अखरोट बादाम अलसी में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है। कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज में विटामिन ई के साथ मैग्नीशियम, जिंक, सेलेनियम पाया जाता है जो कि फेफड़ों को फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाता है। नट्स एवं सीड्स को अपनी डाइट में सलाद के साथ, स्मूदी के साथ या ओटमील के साथ खा सकते हैं।

साबुत अनाज एवं दालें

विद्याप्रिया ने बताया कि साबुत अनाज के प्रोडक्ट्स जैसे ब्राउन राइस, ओट्स, दलिया, जौ, किनोवा, कुट्टू, चोकर युक्त रोटी आदि में भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो कि Gut Bacteria को बढ़ाकर सूजन को कम करता है। उन्होंने बताया कि हर प्रकार की दालें मुख्यतः छिलके युक्त दालें, पोटेशियम, मैग्नीशियम एवं जिंक से भरपूर होती हैं, जो फेफड़ों के प्रॉपर फंक्शन में मदद करती हैं।

फैटी फिश

कोल्ड वाटर फिश जैसे सैल्मन, टूना, सारडीन्स, मैकरेल्स आदि में W3 फैटी एसिड, ई पी ए एवं डी एच ए पाया जाता है जो सूजन को कम करता है। हफ्ते में दो बार मछली खाना अस्थमा के मरीज के लिए फायदेमंद होगा।

इन चीजों से करें परहेज

विद्या प्रिया ने बताया कि जो चीजें अस्थमा के मरीजों को नहीं खानी चाहिए उसमें प्रोसैस्ड एवं फ्राइड फूड्स, बेकरी प्रोडक्ट, आलू के चिप्स, क्रैकर्स के साथ ही शुगरी फूड एवं पेय पदार्थ, क्योंकि ज्यादा मीठी चीजें सूजन को बढ़ाती हैं एवं इम्युनिटी को काम करती हैं जैसे कैंडी, कोल्ड ड्रिंक, मिठाई।

विद्या प्रिया बताती हैं कि इसकेअतिरिक्त फास्ट फूड जैसे पिज्जा, बर्गर, चिप्स, फ्रेंच फ्राइज नुकसानदायक होते हैं, ज्यादा चाय-कॉफी भी अस्थमा के मरीज के लिए नुकसान देह है। उन्होंने बताया कि डेयरी प्रोडक्ट की जगह हम प्लांट बेस्ड मिल्क ले सकते हैं जैसे बादाम, नारियल, ओट मिल्क आदि।

सल्फाइट फूड्स

इसी प्रकार सल्फाइट प्रिजर्वेटिव्स की तरह सूखे फलों, लेमन जूस कुछ का कुछ दवाओं में इस्तेमाल होता है, इसलिए कोई भी चीज इस्तेमाल करने से पहले उसका लेवल जरूर चेक कर लें, यदि आपको किसी फूड से एलर्जी है तो उसे अवॉइड करें वजन को नियंत्रित रखें भरपूर पानी पीएं क्योंकि डिहाइड्रेशन सूजन को बढ़ाता है।

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